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Yamuna Nagar News: तापमान के उतार-चढ़ाव से बढ़ी किसानों की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 16 Feb 2026 01:30 AM IST
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व्यासपुर में सुबह के समय छाया घना कोहरा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में तापमान के उतार-चढ़ाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह घना कोहरा और दिन में तेज धूप निकल रही है। इससे गेंहू की फसल में पीला रतुआ रोग का खतरा बढ़ गया है।
जिले में रविवार सुबह घने कोहरे ने लोगों की दिक्कत बढ़ा दी। हालात ऐसे थे कि कुछ ही दूरी पर खड़े व्यक्ति या वाहन तक साफ नजर नहीं आ रहे थे। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी रफ्तार से चलना पड़ा। कई जगह दृश्यता बेहद कम रहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि जैसे-जैसे समय बीतता गया धूप निकली, लोगों ने राहत की सांस ली।
सुबह की ठंड और नमी के बाद निकली धूप ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग धूप सेंकते नजर आए। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक सुकून नहीं दे सकी। दोपहर की धूप इतनी तेज रही कि उसमें अधिक समय तक खड़ा रहना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को एक बार फिर बादल उमड़ने की संभावना है। जिले का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में करीब 16 डिग्री का अंतर साफ महसूस किया गया। यही तापमान का उतार-चढ़ाव किसानों की चिंता का कारण बन रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एपीपीओ सतीश अरोड़ा का कहना है कि दिन में गर्मी और रात में ठंडक के कारण गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। खासकर इस मौसम में गेहूं में पीला रतुआ रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है। यह रोग फसल की पत्तियों पर पीले रंग के धब्बों के रूप में दिखाई देता है और समय रहते नियंत्रण न किया जाए तो पैदावार पर असर डाल सकता है।
हालांकि इसी सप्ताह कृषि वैज्ञानिकों की टीम जिले के कई गांवों में गेहूं की फसल का मुआयना कर चुके हैं। जिसमें कहीं पर भी पीला रतुआ के लक्षण नहीं मिले थे। किसानों का कहना है कि मौसम का यह बदला मिजाज फसलों के लिए अनिश्चितता लेकर आया है। सुबह कोहरा और दिन में तेज धूप के कारण खेतों में नमी का संतुलन बिगड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि तापमान में यही अंतर बना रहा तो रोगों की संभावना और बढ़ सकती है।
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यमुनानगर। जिले में तापमान के उतार-चढ़ाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह घना कोहरा और दिन में तेज धूप निकल रही है। इससे गेंहू की फसल में पीला रतुआ रोग का खतरा बढ़ गया है।
जिले में रविवार सुबह घने कोहरे ने लोगों की दिक्कत बढ़ा दी। हालात ऐसे थे कि कुछ ही दूरी पर खड़े व्यक्ति या वाहन तक साफ नजर नहीं आ रहे थे। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी रफ्तार से चलना पड़ा। कई जगह दृश्यता बेहद कम रहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि जैसे-जैसे समय बीतता गया धूप निकली, लोगों ने राहत की सांस ली।
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सुबह की ठंड और नमी के बाद निकली धूप ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग धूप सेंकते नजर आए। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक सुकून नहीं दे सकी। दोपहर की धूप इतनी तेज रही कि उसमें अधिक समय तक खड़ा रहना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को एक बार फिर बादल उमड़ने की संभावना है। जिले का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में करीब 16 डिग्री का अंतर साफ महसूस किया गया। यही तापमान का उतार-चढ़ाव किसानों की चिंता का कारण बन रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एपीपीओ सतीश अरोड़ा का कहना है कि दिन में गर्मी और रात में ठंडक के कारण गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। खासकर इस मौसम में गेहूं में पीला रतुआ रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है। यह रोग फसल की पत्तियों पर पीले रंग के धब्बों के रूप में दिखाई देता है और समय रहते नियंत्रण न किया जाए तो पैदावार पर असर डाल सकता है।
हालांकि इसी सप्ताह कृषि वैज्ञानिकों की टीम जिले के कई गांवों में गेहूं की फसल का मुआयना कर चुके हैं। जिसमें कहीं पर भी पीला रतुआ के लक्षण नहीं मिले थे। किसानों का कहना है कि मौसम का यह बदला मिजाज फसलों के लिए अनिश्चितता लेकर आया है। सुबह कोहरा और दिन में तेज धूप के कारण खेतों में नमी का संतुलन बिगड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि तापमान में यही अंतर बना रहा तो रोगों की संभावना और बढ़ सकती है।