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Yamuna Nagar News: दो बच्चियों की पीड़ा... एक मां और दूसरी बेटी से होगी जुदा
Sat, 01 Aug 2026 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 01:49 AM IST
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सचिन शर्मा
यमुनानगर। जिस उम्र में एक बच्ची गुड़ियों से खेलती है, मां की गोद में सुकून ढूंढती है और स्कूल की किताबों में अपने सपने तलाशती है, उसी उम्र में 11 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को जिंदगी ने ऐसा दर्द दिया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। विडंबना यह है कि वह अभी खुद बच्ची है और उसने एक बच्ची को जन्म दिया है। हालात ऐसे बने हैं कि उसे अपनी इस फूल सी बच्ची से जुदा होना पड़ेगा। यह फैसला उसके परिवार का है जो तीन दिन की नवजात को मां की ममता से दूर कर देगा। शायद फिर कभी मां और बेटी एक-दूसरे को देख भी न पाएं।
पीड़िता के परिजनों ने नवजात बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंपने का निर्णय लिया है। कागजी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बच्ची को पंचकूला स्थित शिशु गृह भेजा जाएगा, जहां उसका पालन-पोषण होगा। भविष्य में यदि कोई परिवार उसे गोद लेना चाहेगा तो प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी की जाएगी। त्रासदी यह भी है कि माता-पिता होते हुए भी नवजात बच्ची अनाथ होने जा रही है। जिस युवक ने दुष्कर्म किया था, वह जेल में है। उसके गुनाह की सजा पीडि़ता के साथ उसकी बच्ची को भी भुगतनी पड़ेगी।
सीडब्ल्यूसी के जिला असिस्टेंट गौरव ने बताया कि नवजात और पीड़िता दोनों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों फिलहाल स्वस्थ हैं और दो से तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।
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तीन दिन पहले ही दुष्कर्म पीडि़ता ने बच्ची को जन्म दिया था। वह पांचवी कक्षा की छात्रा है। यह मामला मई में सामने आया था, जब सात माह पहले स्कूल में पेट दर्द की शिकायत के बाद बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। जांच में पता चला कि वह करीब सात माह की गर्भवती है। मेडिकल कारणों से गर्भपात संभव नहीं था, इसलिए डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चलता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी मां के कार्यस्थल पर काम करने वाले ड्राइवर ने धमका कर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने और मां की नौकरी छुड़वाने की धमकी दी जाती थी। संवाद
पुलिस आरोपी को भेज चुकी है जेल
दुष्कर्म की यह घटना नवंबर 2025 में हुई थी। आरोपी युवक सलेमपुर खादर निवासी कार चालक है। वह एक फैक्टरी के मालिक की कार चलाता था। उसी फैक्टरी में बच्ची की मां काम करती है। वह बहला-फुसलाकर बच्ची को ले गया था और दुष्कर्म किया था। सात माह पहले एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया था। वह तभी से जेल में है। यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि बचपन से उसके सबसे बड़े अधिकार, सुरक्षा, विश्वास और मासूमियत के छिन जाने की मार्मिक कहानी है। अब एक मासूम मां और उसकी नवजात बेटी की जिंदगी दो अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ेगी।
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यमुनानगर। जिस उम्र में एक बच्ची गुड़ियों से खेलती है, मां की गोद में सुकून ढूंढती है और स्कूल की किताबों में अपने सपने तलाशती है, उसी उम्र में 11 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को जिंदगी ने ऐसा दर्द दिया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। विडंबना यह है कि वह अभी खुद बच्ची है और उसने एक बच्ची को जन्म दिया है। हालात ऐसे बने हैं कि उसे अपनी इस फूल सी बच्ची से जुदा होना पड़ेगा। यह फैसला उसके परिवार का है जो तीन दिन की नवजात को मां की ममता से दूर कर देगा। शायद फिर कभी मां और बेटी एक-दूसरे को देख भी न पाएं।
पीड़िता के परिजनों ने नवजात बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंपने का निर्णय लिया है। कागजी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बच्ची को पंचकूला स्थित शिशु गृह भेजा जाएगा, जहां उसका पालन-पोषण होगा। भविष्य में यदि कोई परिवार उसे गोद लेना चाहेगा तो प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी की जाएगी। त्रासदी यह भी है कि माता-पिता होते हुए भी नवजात बच्ची अनाथ होने जा रही है। जिस युवक ने दुष्कर्म किया था, वह जेल में है। उसके गुनाह की सजा पीडि़ता के साथ उसकी बच्ची को भी भुगतनी पड़ेगी।
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सीडब्ल्यूसी के जिला असिस्टेंट गौरव ने बताया कि नवजात और पीड़िता दोनों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों फिलहाल स्वस्थ हैं और दो से तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।
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तीन दिन पहले ही दुष्कर्म पीडि़ता ने बच्ची को जन्म दिया था। वह पांचवी कक्षा की छात्रा है। यह मामला मई में सामने आया था, जब सात माह पहले स्कूल में पेट दर्द की शिकायत के बाद बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। जांच में पता चला कि वह करीब सात माह की गर्भवती है। मेडिकल कारणों से गर्भपात संभव नहीं था, इसलिए डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चलता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी मां के कार्यस्थल पर काम करने वाले ड्राइवर ने धमका कर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने और मां की नौकरी छुड़वाने की धमकी दी जाती थी। संवाद
पुलिस आरोपी को भेज चुकी है जेल
दुष्कर्म की यह घटना नवंबर 2025 में हुई थी। आरोपी युवक सलेमपुर खादर निवासी कार चालक है। वह एक फैक्टरी के मालिक की कार चलाता था। उसी फैक्टरी में बच्ची की मां काम करती है। वह बहला-फुसलाकर बच्ची को ले गया था और दुष्कर्म किया था। सात माह पहले एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया था। वह तभी से जेल में है। यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि बचपन से उसके सबसे बड़े अधिकार, सुरक्षा, विश्वास और मासूमियत के छिन जाने की मार्मिक कहानी है। अब एक मासूम मां और उसकी नवजात बेटी की जिंदगी दो अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ेगी।