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Yamuna Nagar News: अमान्य स्कूल पर विभाग ने शुरू की कार्रवाई, रिकॉर्ड तलब
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 11 Apr 2026 03:46 AM IST
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अभय सिंह
जगाधरी। जिले में चल रहे अमान्य स्कूलों पर कार्रवाई करने की जिला शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। देरी से ही सही आखिर शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों के भविष्य की सुध आ ही गई है। शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष की सूची में शामिल अमान्य स्कूलों को नोटिस जारी किया है। स्कूलों को आदेश दिया गया है कि यदि उनके पास मान्यता नहीं है, तो वे दाखिले नहीं करेंगे। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों के बाद विभाग जाग गया है और अवैध तरीके से चल रहे स्कूलों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभाग ने ऐसे स्कूलों को उनकी मान्यता व अनुमति संबंधी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में तलब किया है। इस दौरान विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बिना मान्यता के स्कूलों ने दाखिले किए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। वहीं, जिले के कुछ अन्य स्कूलों को भी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में तलब किया है। शिक्षा विभाग की ओर से नोटिस जारी होने के बाद स्कूलों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने पिछले वर्ष की सूची में शामिल 47 स्कूलों को नोटिस दिया है। इसमें से एक स्कूल ने मान्यता के लिए आवेदन किया है।
नया सत्र शुरू होने के साथ ही अवैध स्कूलों में दाखिले का मुद्दा उठाया गया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और ऐसे तमाम स्कूलों को तलब किया। विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना मान्यता के स्कूल नहीं चलने दिया जाएगा। बिना मान्यता के चल रहे सभी विद्यालय बंद किए जाएंगे। यदि विभाग इस दिशा में कार्रवाई करता है तो जिले के करीब 50 स्कूलों पर ताला लग जाएगा। बता दें कि जिले में 37 स्कूल अवैध रूप से चल रहे हैं। दस स्कूल ऐसे हैं जिनके पास आंशिक मान्यता है। वहीं, करीब एक दर्जन स्कूलों के पास अस्थायी मान्यता है। जिले में सबसे ज्यादा 25 अवैध स्कूल शहर में चल रहे हैं।
जिले में बिना अनुमति व मान्यता के चल रहे इन 47 स्कूलों में करीब दस हजार विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं। इन स्कूलों का एमआईएस पोर्टल भी निदेशालय की ओर से बंद कर दिया गया है। बावजूद इसके इन में दाखिले किए जा रहे हैं। अब विभाग ने अवैध रूप से चल रहे इन स्कूलों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि जिले में कई स्कूल ऐसे स्थानों पर चल रहे हैं, जहां के लिए अनुमति भी नहीं मिल सकती परंतु विभाग की उदासीनता के कारण यह स्कूल फल-फूल रहे थे। अब विभाग ने इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। संवाद
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वर्जन
जिले में बिना मान्यता के स्कूल चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बिना मान्यता के चल रहे तमाम स्कूल बंद किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने स्कूलों को दस्तावेजों के साथ बुलाया है। दस्तावेजों की जांच के बाद इन स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। जिले में चल रहे अमान्य स्कूलों पर कार्रवाई करने की जिला शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। देरी से ही सही आखिर शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों के भविष्य की सुध आ ही गई है। शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष की सूची में शामिल अमान्य स्कूलों को नोटिस जारी किया है। स्कूलों को आदेश दिया गया है कि यदि उनके पास मान्यता नहीं है, तो वे दाखिले नहीं करेंगे। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों के बाद विभाग जाग गया है और अवैध तरीके से चल रहे स्कूलों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभाग ने ऐसे स्कूलों को उनकी मान्यता व अनुमति संबंधी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में तलब किया है। इस दौरान विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बिना मान्यता के स्कूलों ने दाखिले किए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। वहीं, जिले के कुछ अन्य स्कूलों को भी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में तलब किया है। शिक्षा विभाग की ओर से नोटिस जारी होने के बाद स्कूलों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने पिछले वर्ष की सूची में शामिल 47 स्कूलों को नोटिस दिया है। इसमें से एक स्कूल ने मान्यता के लिए आवेदन किया है।
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नया सत्र शुरू होने के साथ ही अवैध स्कूलों में दाखिले का मुद्दा उठाया गया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और ऐसे तमाम स्कूलों को तलब किया। विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना मान्यता के स्कूल नहीं चलने दिया जाएगा। बिना मान्यता के चल रहे सभी विद्यालय बंद किए जाएंगे। यदि विभाग इस दिशा में कार्रवाई करता है तो जिले के करीब 50 स्कूलों पर ताला लग जाएगा। बता दें कि जिले में 37 स्कूल अवैध रूप से चल रहे हैं। दस स्कूल ऐसे हैं जिनके पास आंशिक मान्यता है। वहीं, करीब एक दर्जन स्कूलों के पास अस्थायी मान्यता है। जिले में सबसे ज्यादा 25 अवैध स्कूल शहर में चल रहे हैं।
जिले में बिना अनुमति व मान्यता के चल रहे इन 47 स्कूलों में करीब दस हजार विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं। इन स्कूलों का एमआईएस पोर्टल भी निदेशालय की ओर से बंद कर दिया गया है। बावजूद इसके इन में दाखिले किए जा रहे हैं। अब विभाग ने अवैध रूप से चल रहे इन स्कूलों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि जिले में कई स्कूल ऐसे स्थानों पर चल रहे हैं, जहां के लिए अनुमति भी नहीं मिल सकती परंतु विभाग की उदासीनता के कारण यह स्कूल फल-फूल रहे थे। अब विभाग ने इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। संवाद
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जिले में बिना मान्यता के स्कूल चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बिना मान्यता के चल रहे तमाम स्कूल बंद किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने स्कूलों को दस्तावेजों के साथ बुलाया है। दस्तावेजों की जांच के बाद इन स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।