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Yamuna Nagar News: कैथल की टीम ने दी पिंगला भर्तृहरि सांग की प्रस्तुति
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कार्यक्रम के दौरान सांग की प्रस्तुति देते कलाकार। संस्थान
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। डीएवी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के सौजन्य से चार दिवसीय 11वें रत्नावली युवा सांग महोत्सव की मंगलवार को शुरुआत हुई। पहले दिन कैथल के आरकेएसडी कॉलेज की टीम ने पिंगला भतृहरि सांग की रंगारंग प्रस्तुति दी।
टीम प्रभारी डॉ. अशोक अत्री ने बताया कि प्रमुख लोक कवि पंडित राजेराम शास्त्री द्वारा रचित यह सांग राजा भर्तृहरि द्वारा वैराग्य धारण करने की पौराणिक कथा पर आधारित है। पिंगला-भर्तृहरि सांग की मुख्य थीम वैराग्य, सांसारिक मोह-माया का त्याग और भक्ति है। यह प्रसिद्ध लोक गाथा राजा भर्तृहरि के अपनी पत्नी पिंगला के प्रति अत्यधिक प्रेम से लेकर अंततः सच्चाई का पता चलने पर योगी बनने की कहानी को दर्शाती है।
कैथल कॉलेज के सभी कलाकारों ने इस सांग को बखूबी दर्शा कर खूब वाहवाही प्राप्त की। प्राचार्य डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इस युवा सांग महोत्सव का आयोजन करने का सुअवसर डीएवी कॉलेज साढौरा को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कॉलेज का सांस्कृतिक विभाग शुरू से ही हरियाणवी संस्कृति के रखरखाव, प्रचार प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाते आया है।
सांग महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र में पाश्चात्य प्रभाव के चलते भटकाव के शिकार युवाओं को एक बार फिर हरियाणा की मिट्टी, भाषा और संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से करवाया जा रहा है। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व वाइस चेयरमैन जिला परिषद अनिल संधू ने इस अवसर पर कॉलेज के विद्यार्थियों में हरियाणवी सांग के प्रति उत्साह की सराहना की।
कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि इस चार दिवसीय आयोजन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के चारों जोन से रत्नावली महोत्सव के दौरान प्रथम स्थान प्राप्त चार टीम अपनी प्रस्तुति देंगी। संयोजक समिति के सदस्यों में डॉ. एसके दुबे, डॉ. दर्शन लाल, डॉ. छत्रपाल सिंह, डॉ. योगेश सिंह मोहन, डॉ. गुरमेज सिंह, डॉ. राजेंद्र कुमार, प्रो. सुनीता, प्रो. नीरज गेरा, प्रो. नेहा, प्रो. मेघा, प्रो. रितु, प्रो. नैंसी तथा प्रो. जॉनी शामिल हैं।
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साढौरा। डीएवी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के सौजन्य से चार दिवसीय 11वें रत्नावली युवा सांग महोत्सव की मंगलवार को शुरुआत हुई। पहले दिन कैथल के आरकेएसडी कॉलेज की टीम ने पिंगला भतृहरि सांग की रंगारंग प्रस्तुति दी।
टीम प्रभारी डॉ. अशोक अत्री ने बताया कि प्रमुख लोक कवि पंडित राजेराम शास्त्री द्वारा रचित यह सांग राजा भर्तृहरि द्वारा वैराग्य धारण करने की पौराणिक कथा पर आधारित है। पिंगला-भर्तृहरि सांग की मुख्य थीम वैराग्य, सांसारिक मोह-माया का त्याग और भक्ति है। यह प्रसिद्ध लोक गाथा राजा भर्तृहरि के अपनी पत्नी पिंगला के प्रति अत्यधिक प्रेम से लेकर अंततः सच्चाई का पता चलने पर योगी बनने की कहानी को दर्शाती है।
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कैथल कॉलेज के सभी कलाकारों ने इस सांग को बखूबी दर्शा कर खूब वाहवाही प्राप्त की। प्राचार्य डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इस युवा सांग महोत्सव का आयोजन करने का सुअवसर डीएवी कॉलेज साढौरा को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कॉलेज का सांस्कृतिक विभाग शुरू से ही हरियाणवी संस्कृति के रखरखाव, प्रचार प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाते आया है।
सांग महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र में पाश्चात्य प्रभाव के चलते भटकाव के शिकार युवाओं को एक बार फिर हरियाणा की मिट्टी, भाषा और संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से करवाया जा रहा है। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व वाइस चेयरमैन जिला परिषद अनिल संधू ने इस अवसर पर कॉलेज के विद्यार्थियों में हरियाणवी सांग के प्रति उत्साह की सराहना की।
कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि इस चार दिवसीय आयोजन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के चारों जोन से रत्नावली महोत्सव के दौरान प्रथम स्थान प्राप्त चार टीम अपनी प्रस्तुति देंगी। संयोजक समिति के सदस्यों में डॉ. एसके दुबे, डॉ. दर्शन लाल, डॉ. छत्रपाल सिंह, डॉ. योगेश सिंह मोहन, डॉ. गुरमेज सिंह, डॉ. राजेंद्र कुमार, प्रो. सुनीता, प्रो. नीरज गेरा, प्रो. नेहा, प्रो. मेघा, प्रो. रितु, प्रो. नैंसी तथा प्रो. जॉनी शामिल हैं।