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Yamuna Nagar News: खिलाड़ियों को तीन माह का खुराक भत्ता जारी, पांच का अभी इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 12 Mar 2026 03:02 AM IST
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जगाधरी। खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को आठ महीने से खुराक भत्ता नहीं मिल रहा था। अब विभाग ने तीन महीने का भत्ता जारी कर दिया है। विभाग की ओर से जिले के खिलाड़ियों के लिए कुल 36.99 लाख रुपये की राशि दी गई है। इससे जिले के कुल 2,228 खिलाड़ियों को उनकी श्रेणी के अनुसार भत्ता दिया जाएगा। वहीं, अब खिलाड़ियों का पांच महीने का भत्ता बकाया है। इसका अभी बजट नहीं आया है।
यह भत्ता राशि पिछले वर्ष के जुलाई से सितंबर माह की दी जा रही है। यूनिक आईडी के आधार पर सत्यापन के बाद खिलाड़ियों के खातों में राशि का वितरण किया जाएगा। यह राशि जिले की खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों के लिए जारी की गई है। खिलाड़ियों को पिछले वर्ष आठ महीने से खुराक भत्ता नहीं मिल रहा था। वहीं, अब खेल नर्सरियां भंग कर दी गई हैं और नई नर्सरियां देने की प्रक्रिया चल रही है। खुराक भत्ता न मिलने के कारण खिलाड़ियों को भारी परेशानी हो रही थी। विभाग ने अब तीन महीने का भत्ता जारी किया है और पांच महीने का भत्ता अभी बकाया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी केवल तीन महीने के भत्ते की राशि आई है और पांच महीने का बजट आना शेष है। यह बजट जारी होते ही सत्यापन के बाद खिलाड़ियों के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
बता दें कि जिले की विभिन्न खेल नर्सरियों में काफी खिलाड़ी नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। नर्सरियों में फुटबॉल, एथलेटिक्स, कबड्डी, हॉकी सहित कई खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन नर्सरियों में सरकार की ओर से खिलाड़ियों को खुराक भत्ता दिया जाता है, जो उनके शारीरिक विकास और प्रदर्शन के लिए आवश्यक है। यह भत्ता आयु वर्ग के आधार पर दिया जाता है। 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 2,000 रुपये की राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध करवाना है। जिले में खेल नर्सरियों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित किया जा रहा है। कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं। संवाद
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दो महीने बंद रहती है नर्सरियां
खेल नर्सरियां वर्ष में दो महीने बंद रहती हैं। सरकार की ओर से खेल नर्सरी चलाने के लिए अप्रैल से जनवरी तक की अनुमति दी जाती है। जनवरी में नर्सरियां भंग कर दी जाती हैं, जिस कारण फरवरी व मार्च में नर्सरियां बंद रहती हैं। इसके बाद अप्रैल में नर्सरियां चलाने के लिए पुन: आवेदन मांगे जाते हैं। बता दें कि इन दो महीने में खिलाड़ियों की वार्षिक परीक्षाएं होती हैं। इस वर्ष जिले में 30 खेल नर्सरियां संचालित की जा रही थीं। वहीं, नए वर्ष में अब तक 135 संस्थाओं ने खेल नर्सरी के लिए आवेदन किया है।
वर्जन
जिले की खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण करने वाले खिलाड़ियों का खुराक भत्ता आठ महीने से लंबित था। इसमें से तीन माह का भत्ता जारी कर दिया गया है। यह राशि सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में दी जाएगी। वहीं, पांच महीने के भत्ते के लिए भी जल्द बजट जारी कर हो जाएगा।
शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।
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यह भत्ता राशि पिछले वर्ष के जुलाई से सितंबर माह की दी जा रही है। यूनिक आईडी के आधार पर सत्यापन के बाद खिलाड़ियों के खातों में राशि का वितरण किया जाएगा। यह राशि जिले की खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों के लिए जारी की गई है। खिलाड़ियों को पिछले वर्ष आठ महीने से खुराक भत्ता नहीं मिल रहा था। वहीं, अब खेल नर्सरियां भंग कर दी गई हैं और नई नर्सरियां देने की प्रक्रिया चल रही है। खुराक भत्ता न मिलने के कारण खिलाड़ियों को भारी परेशानी हो रही थी। विभाग ने अब तीन महीने का भत्ता जारी किया है और पांच महीने का भत्ता अभी बकाया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी केवल तीन महीने के भत्ते की राशि आई है और पांच महीने का बजट आना शेष है। यह बजट जारी होते ही सत्यापन के बाद खिलाड़ियों के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
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बता दें कि जिले की विभिन्न खेल नर्सरियों में काफी खिलाड़ी नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। नर्सरियों में फुटबॉल, एथलेटिक्स, कबड्डी, हॉकी सहित कई खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन नर्सरियों में सरकार की ओर से खिलाड़ियों को खुराक भत्ता दिया जाता है, जो उनके शारीरिक विकास और प्रदर्शन के लिए आवश्यक है। यह भत्ता आयु वर्ग के आधार पर दिया जाता है। 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 2,000 रुपये की राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध करवाना है। जिले में खेल नर्सरियों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित किया जा रहा है। कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं। संवाद
दो महीने बंद रहती है नर्सरियां
खेल नर्सरियां वर्ष में दो महीने बंद रहती हैं। सरकार की ओर से खेल नर्सरी चलाने के लिए अप्रैल से जनवरी तक की अनुमति दी जाती है। जनवरी में नर्सरियां भंग कर दी जाती हैं, जिस कारण फरवरी व मार्च में नर्सरियां बंद रहती हैं। इसके बाद अप्रैल में नर्सरियां चलाने के लिए पुन: आवेदन मांगे जाते हैं। बता दें कि इन दो महीने में खिलाड़ियों की वार्षिक परीक्षाएं होती हैं। इस वर्ष जिले में 30 खेल नर्सरियां संचालित की जा रही थीं। वहीं, नए वर्ष में अब तक 135 संस्थाओं ने खेल नर्सरी के लिए आवेदन किया है।
वर्जन
जिले की खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण करने वाले खिलाड़ियों का खुराक भत्ता आठ महीने से लंबित था। इसमें से तीन माह का भत्ता जारी कर दिया गया है। यह राशि सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में दी जाएगी। वहीं, पांच महीने के भत्ते के लिए भी जल्द बजट जारी कर हो जाएगा।
शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।