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गेहूं खरीद के नए नियमों का करेंगे विरोध : सुभाष
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 27 Mar 2026 12:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने गेहूं खरीद को लेकर बनाए गए नए नियमों का विरोध तेज करने का एलान किया है। जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने वीरवार को जिला कार्यालय में कहा कि ये नियम किसानों के लिए परेशानी का कारण बनेंगे और संगठन इन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने नया प्रावधान किया है कि जिस किसान के नाम पोर्टल पर पंजीकरण होगा, उसी को मंडी में आकर अंगूठा या हस्ताक्षर करने होंगे। इसके अलावा ट्रैक्टरों का रजिस्ट्रेशन और जीपीएस अनिवार्य करने जैसे नियम भी लागू किए जा रहे हैं। गुर्जर ने कहा कि इन शर्तों से छोटे और जरूरतमंद किसानों के लिए मंडियों में फसल बेचना मुश्किल हो जाएगा, खासकर उन किसानों के लिए जो किराये के ट्रैक्टर या बुग्गी का इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसान किसी कारणवश बाहर गया हो या पोर्टल किसी महिला के नाम हो, तो क्या हर स्थिति में उन्हें ही मंडी आना पड़ेगा। इसे उन्होंने अव्यवहारिक और किसान विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कानून जमीनी हकीकत को जाने बिना बनाए जा रहे हैं। भाकियू नेता ने मंडियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि कई जगह पेयजल, शौचालय और बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है। संगठन अब हर मंडी में अपनी टीमें गठित करेगा, जो किसानों की समस्याओं पर नजर रखेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी किसान को फसल बेचने में दिक्कत आई तो भाकियू आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। साथ ही आढ़तियों से अपील की कि वे किसानों के हितों का ध्यान रखें और तौल में पारदर्शिता बनाए रखें।
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रादौर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने गेहूं खरीद को लेकर बनाए गए नए नियमों का विरोध तेज करने का एलान किया है। जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने वीरवार को जिला कार्यालय में कहा कि ये नियम किसानों के लिए परेशानी का कारण बनेंगे और संगठन इन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने नया प्रावधान किया है कि जिस किसान के नाम पोर्टल पर पंजीकरण होगा, उसी को मंडी में आकर अंगूठा या हस्ताक्षर करने होंगे। इसके अलावा ट्रैक्टरों का रजिस्ट्रेशन और जीपीएस अनिवार्य करने जैसे नियम भी लागू किए जा रहे हैं। गुर्जर ने कहा कि इन शर्तों से छोटे और जरूरतमंद किसानों के लिए मंडियों में फसल बेचना मुश्किल हो जाएगा, खासकर उन किसानों के लिए जो किराये के ट्रैक्टर या बुग्गी का इस्तेमाल करते हैं।
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उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसान किसी कारणवश बाहर गया हो या पोर्टल किसी महिला के नाम हो, तो क्या हर स्थिति में उन्हें ही मंडी आना पड़ेगा। इसे उन्होंने अव्यवहारिक और किसान विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कानून जमीनी हकीकत को जाने बिना बनाए जा रहे हैं। भाकियू नेता ने मंडियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि कई जगह पेयजल, शौचालय और बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है। संगठन अब हर मंडी में अपनी टीमें गठित करेगा, जो किसानों की समस्याओं पर नजर रखेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी किसान को फसल बेचने में दिक्कत आई तो भाकियू आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। साथ ही आढ़तियों से अपील की कि वे किसानों के हितों का ध्यान रखें और तौल में पारदर्शिता बनाए रखें।