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Bilaspur News: घरवासड़ा में 20 महिलाएं सीख रहीं मोमबत्ती बनाने की कला
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घरवासड़ा में मोमबत्ती बनाने की कला सीखती हुई महिलाएं। स्रोत: जागरूक पाठक।
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मानव विकास संस्थान कलोल ने 35 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम किया आयोजित
पारंपरिक के साथ सजावटी, डिजाइनर मोमबत्तियां तैयार करने का दे रहे प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। हाथों में हुनर हो तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो जाती है। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में मानव विकास संस्थान कलोल ने पहल शुरू की है। संस्थान द्वारा जन शिक्षण संस्थान बिलासपुर के सहयोग से विकास खंड झंडूता के गांव घरवासड़ा में 35 दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के चार स्वयं सहायता समूहों की 20 महिलाएं भाग ले रही हैं। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक मोमबत्तियों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की सजावटी, आकर्षक और डिजाइनर मोमबत्तियां तैयार करने का हुनर सीख रही हैं। उन्हें मोमबत्ती निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रंगों, सुगंध, डिजाइन, अलग-अलग सांचों, सजावट और आकर्षक पैकिंग की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल महिलाओं को मोमबत्ती बनाना सिखाना नहीं, बल्कि सीखे हुए हुनर को रोजगार में बदलकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। महिलाएं प्रशिक्षण के बाद घर से ही छोटे स्तर पर मोमबत्ती निर्माण का कार्य शुरू कर अपनी आमदनी का जरिया बना सकती हैं। इससे उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर भी मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं पूरे उत्साह के साथ विभिन्न डिजाइनों की मोमबत्तियां तैयार कर रही हैं। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के व्यावसायिक प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। इससे उन्हें अपने हुनर को पहचान देने, घर से काम शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। ग्रामीण महिलाओं को इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने से जहां उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी, वहीं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर लघु उद्यम और आय के नए साधन विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस शिविर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं में शालिनी, सपना कुमारी, नीलम देवी, दीपिका, कांता, प्रियंका, रीना, संतोष, प्रीति, पूनम, अनीता, नीलम कौशल्या, अनुराधा, मंजू, ज्योति, अंजना, अनीता आदि मौजूद रहीं।
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पारंपरिक के साथ सजावटी, डिजाइनर मोमबत्तियां तैयार करने का दे रहे प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। हाथों में हुनर हो तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो जाती है। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में मानव विकास संस्थान कलोल ने पहल शुरू की है। संस्थान द्वारा जन शिक्षण संस्थान बिलासपुर के सहयोग से विकास खंड झंडूता के गांव घरवासड़ा में 35 दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के चार स्वयं सहायता समूहों की 20 महिलाएं भाग ले रही हैं। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक मोमबत्तियों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की सजावटी, आकर्षक और डिजाइनर मोमबत्तियां तैयार करने का हुनर सीख रही हैं। उन्हें मोमबत्ती निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रंगों, सुगंध, डिजाइन, अलग-अलग सांचों, सजावट और आकर्षक पैकिंग की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल महिलाओं को मोमबत्ती बनाना सिखाना नहीं, बल्कि सीखे हुए हुनर को रोजगार में बदलकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। महिलाएं प्रशिक्षण के बाद घर से ही छोटे स्तर पर मोमबत्ती निर्माण का कार्य शुरू कर अपनी आमदनी का जरिया बना सकती हैं। इससे उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर भी मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं पूरे उत्साह के साथ विभिन्न डिजाइनों की मोमबत्तियां तैयार कर रही हैं। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के व्यावसायिक प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। इससे उन्हें अपने हुनर को पहचान देने, घर से काम शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। ग्रामीण महिलाओं को इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने से जहां उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी, वहीं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर लघु उद्यम और आय के नए साधन विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस शिविर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं में शालिनी, सपना कुमारी, नीलम देवी, दीपिका, कांता, प्रियंका, रीना, संतोष, प्रीति, पूनम, अनीता, नीलम कौशल्या, अनुराधा, मंजू, ज्योति, अंजना, अनीता आदि मौजूद रहीं।
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