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Bilaspur News: कुनणू गांव से महज 100 मीटर दूर हैवी ब्लास्टिंग, भड़के ग्रामीण
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ग्राम पंचायत पंजगाईं के कुनणू गांव के पास ब्लास्टिंग को लेकर विरोध जताने पहुंचे ग्रामीण व मौजूद
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ग्रामीणों ने रुकवाया माइनिंग कार्य, मौके पर जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत पंजगाईं के कुनणू गांव में आबादी से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर हो रही हैवी ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। अदाणी की एसीसी सीमेंट फैक्ट्री के माइनिंग एरिया में शनिवार दोपहर करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच तेज ब्लास्टिंग किए जाने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर माइनिंग कार्य बंद करवा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के इतने नजदीक लगातार माइनिंग और हैवी ब्लास्टिंग होने से लोगों के घरों को नुकसान पहुंच रहा है और तेज धमाकों के कारण बच्चों तथा बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार कुनणू गांव के सामने जिस क्षेत्र में माइनिंग गतिविधियां चल रही हैं, वह गांव से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। शुक्रवार को अचानक हुए जोरदार धमाके से आसपास के लोग सहम गए। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग के दौरान होने वाले कंपन और झटकों का असर आसपास के घरों तक पहुंचता है। उनका आरोप है कि लंबे समय से हो रही ब्लास्टिंग के कारण घरों को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर ब्लास्टिंग से घरों को हुए नुकसान की जांच की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग के कारण होने वाला ध्वनि प्रदूषण भी बड़ी समस्या बन गया है। अचानक होने वाले तेज धमाकों से छोटे बच्चे डर जाते हैं। बुजुर्गों को भी तेज आवाज और कंपन के कारण परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में रहने वाले लोगों को यह पता नहीं होता कि कब अचानक जोरदार धमाका हो जाए। इससे खासकर बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल रहता है।
ग्रामीणों ने कहा कि माइनिंग क्षेत्र आबादी के इतने करीब होने के कारण ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उनका कहना है कि माइनिंग कार्य को लेकर पहले भी आपत्ति जताई गई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। माइनिंग को लेकर पिछले सप्ताह भी संबंधित लोगों के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद माइनिंग गतिविधियां जारी रहीं। शनिवार को फिर हैवी ब्लास्टिंग होने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक दिन का मामला नहीं है, बल्कि माइनिंग गतिविधियां नियमित रूप से चलती हैं। आबादी के नजदीक होने के कारण प्रत्येक ब्लास्टिंग के साथ लोगों की चिंता बढ़ जाती है।
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ब्लास्टिंग के बाद ग्राम पंचायत पंजगाईं के उप प्रधान सुनील गौतम की अगुवाई में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने माइनिंग कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों के अनुसार फिलहाल माइनिंग कार्य बंद है और जब तक मामले को लेकर उचित बातचीत और समाधान नहीं होता, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौके पर विशेषज्ञों की टीम भेजकर यह जांच की जानी चाहिए कि आबादी से करीब 100 मीटर की दूरी पर हो रही ब्लास्टिंग निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। साथ ही ब्लास्टिंग से घरों को हुए नुकसान का आकलन करवाने और ध्वनि प्रदूषण की स्थिति की भी जांच करने की मांग की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत पंजगाईं के कुनणू गांव में आबादी से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर हो रही हैवी ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। अदाणी की एसीसी सीमेंट फैक्ट्री के माइनिंग एरिया में शनिवार दोपहर करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच तेज ब्लास्टिंग किए जाने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर माइनिंग कार्य बंद करवा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के इतने नजदीक लगातार माइनिंग और हैवी ब्लास्टिंग होने से लोगों के घरों को नुकसान पहुंच रहा है और तेज धमाकों के कारण बच्चों तथा बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार कुनणू गांव के सामने जिस क्षेत्र में माइनिंग गतिविधियां चल रही हैं, वह गांव से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। शुक्रवार को अचानक हुए जोरदार धमाके से आसपास के लोग सहम गए। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग के दौरान होने वाले कंपन और झटकों का असर आसपास के घरों तक पहुंचता है। उनका आरोप है कि लंबे समय से हो रही ब्लास्टिंग के कारण घरों को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर ब्लास्टिंग से घरों को हुए नुकसान की जांच की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग के कारण होने वाला ध्वनि प्रदूषण भी बड़ी समस्या बन गया है। अचानक होने वाले तेज धमाकों से छोटे बच्चे डर जाते हैं। बुजुर्गों को भी तेज आवाज और कंपन के कारण परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में रहने वाले लोगों को यह पता नहीं होता कि कब अचानक जोरदार धमाका हो जाए। इससे खासकर बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल रहता है।
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ग्रामीणों ने कहा कि माइनिंग क्षेत्र आबादी के इतने करीब होने के कारण ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उनका कहना है कि माइनिंग कार्य को लेकर पहले भी आपत्ति जताई गई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। माइनिंग को लेकर पिछले सप्ताह भी संबंधित लोगों के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद माइनिंग गतिविधियां जारी रहीं। शनिवार को फिर हैवी ब्लास्टिंग होने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक दिन का मामला नहीं है, बल्कि माइनिंग गतिविधियां नियमित रूप से चलती हैं। आबादी के नजदीक होने के कारण प्रत्येक ब्लास्टिंग के साथ लोगों की चिंता बढ़ जाती है।
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ब्लास्टिंग के बाद ग्राम पंचायत पंजगाईं के उप प्रधान सुनील गौतम की अगुवाई में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने माइनिंग कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों के अनुसार फिलहाल माइनिंग कार्य बंद है और जब तक मामले को लेकर उचित बातचीत और समाधान नहीं होता, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौके पर विशेषज्ञों की टीम भेजकर यह जांच की जानी चाहिए कि आबादी से करीब 100 मीटर की दूरी पर हो रही ब्लास्टिंग निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। साथ ही ब्लास्टिंग से घरों को हुए नुकसान का आकलन करवाने और ध्वनि प्रदूषण की स्थिति की भी जांच करने की मांग की गई है।