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Bilaspur News: घुमारवीं में कुरियर से पहुंच रही थी प्रतिबंधित दवाइयां
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एक्सक्लूसिव
ड्रग कंट्रोल विभाग की रेड में 2000 नशीली गोलियां बरामद
विभाग को लगातार मिल रहे थे संकेत, हो रही थी निगरानी
दवाइयों के सैंपल भरकर जांच के लिए लैब भेजे
संबंधित दवा विक्रेता को नोटिस जारी कर दस्तावेज किए तलब
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में अब नशे का नेटवर्क किस कदर अपने पैर पसार चुका है, इसका चौंकाने वाला खुलासा ड्रग कंट्रोल विभाग की बड़ी कार्रवाई में हुआ है। शहर में पहली बार कुरियर के जरिए प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की सप्लाई का मामला सामने आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
ड्रग कंट्रोल विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 2000 टपेंटाडोल गोलियां बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल दर्द निवारक दवा के साथ-साथ नशे के रूप में भी किया जाता है। इस कार्रवाई के बाद शहर में दवा कारोबार और कुरियर नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन को घुमारवीं के दवा निरीक्षक दिनेश गौतम की ओर से अंजाम दिया गया, जो पिछले काफी समय से इस संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। जानकारी के अनुसार उन्हें लगातार संकेत मिल रहे थे कि शहर में कुरियर कंपनियों के माध्यम से प्रतिबंधित दवाइयां मंगवाई जा रही हैं। इसके बाद विभाग ने गुप्त रूप से निगरानी बढ़ा दी थी। बीते कल जैसे ही सूचना मिली कि एक कुरियर कंपनी के कार्यालय में एक स्थानीय दवा विक्रेता के नाम संदिग्ध पार्सल पहुंचा है, दवा निरीक्षक दिनेश गौतम तुरंत टीम सहित मौके पर पहुंचे और दबिश दी। जांच के दौरान एक बॉक्स बरामद किया गया। जब बॉक्स को खोला गया तो उसके देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
बॉक्स में प्रतिबंधित दवा टपेंटाडोल की करीब 2000 गोलियां बरामद हुईं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 25 हजार रुपये बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि पार्सल के अंदर कंपनी के बिल मौजूद थे, जिनमें दवा मंगवाने वाले का नाम और पता दर्ज था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह खेप कालाअंब स्थित कंपनी से सीधे तौर पर मंगवाई गई थी। बताया जा रहा है कि टपेंटाडोल बेहद तेज दर्द में इस्तेमाल होने वाली दवा है, लेकिन इसका बड़े स्तर पर नशे के रूप में दुरुपयोग होने के कारण इस पर सख्त प्रतिबंध और निगरानी रहती है। बिना डॉक्टर की पर्ची के इसकी बिक्री नहीं की जा सकती। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में दवा का पकड़ा जाना पूरे मामले को बेहद गंभीर बना रहा है। कार्रवाई के दौरान मौके पर ही दवाइयों के सैंपल भरकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। संबंधित दवा विक्रेता को नोटिस जारी कर खरीद-बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड तलब किए गए हैं। विभाग अब इस बात की भी गहन जांच कर रहा है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह प्रतिबंधित दवाओं की खेप शहर में मंगवाई जाती रही है और इन दवाइयों की सप्लाई आखिर किन लोगों तक पहुंच रही थी। संवाद
कोट
काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि प्रतिबंधित दवाइयां कुरियर के माध्यम से मंगवाई जा रही हैं। इसके बाद लगातार कुरियर कंपनियों पर निगरानी रखी जा रही थी। जैसे ही सूचना मिली कि एक दवा विक्रेता के नाम संदिग्ध पार्सल आया है, तुरंत जांच की गई और उसमें से 2000 टपेंटाडोल गोलियां बरामद हुईं। दवाइयों के सैंपल भरकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं और संबंधित दवा विक्रेता से पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही संबंधित कंपनी को भी नोटिस जारी किया गया है और दवा का रिकॉर्ड मांगा गया है। -दिनेश गौतम, दवा निरीक्षक, घुमारवीं
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विभाग को लगातार मिल रहे थे संकेत, हो रही थी निगरानी
दवाइयों के सैंपल भरकर जांच के लिए लैब भेजे
संबंधित दवा विक्रेता को नोटिस जारी कर दस्तावेज किए तलब
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में अब नशे का नेटवर्क किस कदर अपने पैर पसार चुका है, इसका चौंकाने वाला खुलासा ड्रग कंट्रोल विभाग की बड़ी कार्रवाई में हुआ है। शहर में पहली बार कुरियर के जरिए प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की सप्लाई का मामला सामने आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
ड्रग कंट्रोल विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 2000 टपेंटाडोल गोलियां बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल दर्द निवारक दवा के साथ-साथ नशे के रूप में भी किया जाता है। इस कार्रवाई के बाद शहर में दवा कारोबार और कुरियर नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन को घुमारवीं के दवा निरीक्षक दिनेश गौतम की ओर से अंजाम दिया गया, जो पिछले काफी समय से इस संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। जानकारी के अनुसार उन्हें लगातार संकेत मिल रहे थे कि शहर में कुरियर कंपनियों के माध्यम से प्रतिबंधित दवाइयां मंगवाई जा रही हैं। इसके बाद विभाग ने गुप्त रूप से निगरानी बढ़ा दी थी। बीते कल जैसे ही सूचना मिली कि एक कुरियर कंपनी के कार्यालय में एक स्थानीय दवा विक्रेता के नाम संदिग्ध पार्सल पहुंचा है, दवा निरीक्षक दिनेश गौतम तुरंत टीम सहित मौके पर पहुंचे और दबिश दी। जांच के दौरान एक बॉक्स बरामद किया गया। जब बॉक्स को खोला गया तो उसके देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
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बॉक्स में प्रतिबंधित दवा टपेंटाडोल की करीब 2000 गोलियां बरामद हुईं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 25 हजार रुपये बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि पार्सल के अंदर कंपनी के बिल मौजूद थे, जिनमें दवा मंगवाने वाले का नाम और पता दर्ज था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह खेप कालाअंब स्थित कंपनी से सीधे तौर पर मंगवाई गई थी। बताया जा रहा है कि टपेंटाडोल बेहद तेज दर्द में इस्तेमाल होने वाली दवा है, लेकिन इसका बड़े स्तर पर नशे के रूप में दुरुपयोग होने के कारण इस पर सख्त प्रतिबंध और निगरानी रहती है। बिना डॉक्टर की पर्ची के इसकी बिक्री नहीं की जा सकती। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में दवा का पकड़ा जाना पूरे मामले को बेहद गंभीर बना रहा है। कार्रवाई के दौरान मौके पर ही दवाइयों के सैंपल भरकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। संबंधित दवा विक्रेता को नोटिस जारी कर खरीद-बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड तलब किए गए हैं। विभाग अब इस बात की भी गहन जांच कर रहा है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह प्रतिबंधित दवाओं की खेप शहर में मंगवाई जाती रही है और इन दवाइयों की सप्लाई आखिर किन लोगों तक पहुंच रही थी। संवाद
कोट
काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि प्रतिबंधित दवाइयां कुरियर के माध्यम से मंगवाई जा रही हैं। इसके बाद लगातार कुरियर कंपनियों पर निगरानी रखी जा रही थी। जैसे ही सूचना मिली कि एक दवा विक्रेता के नाम संदिग्ध पार्सल आया है, तुरंत जांच की गई और उसमें से 2000 टपेंटाडोल गोलियां बरामद हुईं। दवाइयों के सैंपल भरकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं और संबंधित दवा विक्रेता से पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही संबंधित कंपनी को भी नोटिस जारी किया गया है और दवा का रिकॉर्ड मांगा गया है। -दिनेश गौतम, दवा निरीक्षक, घुमारवीं
