बिलासपुर में हादसा: दियोटसिद्ध-शाहतलाई मार्ग पर श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, एक की मौत; 35 लोग थे सवार
रविवार देर रात श्रद्धालुओं से भरी पंजाब नंबर की बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एक की मौत हुई, चार गंभीर घायल हुए। शाहतलाई का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने पर लोगों में नाराजगी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिलासपुर और हमीरपुर की सीमा पर दियोटसिद्ध-शाहतलाई मार्ग पर रविवार देर रात श्रद्धालुओं से भरी पंजाब नंबर की एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा कई अन्य यात्रियों को भी चोटें आई हैं। बस में करीब 35 श्रद्धालु सवार थे, जो अमृतसर से बाबा बालकनाथ के दर्शन कर शाहतलाई लौट रहे थे। श्रद्धालुओं का शाहतलाई स्थित चंडीगढ़ सराय में ठहराव था।
जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे दियोटसिद्ध से शाहतलाई की ओर बैरियर नंबर-1 के पास स्थित तीखे मोड़ पर बस अचानक अनियंत्रित होकर बीच सड़क में पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय बस तेज रफ्तार में थी, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच पुलिस कर रही है।।बस पलटते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही तलाई थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
हादसे के बाद घायलों को सबसे पहले शाहतलाई के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार उस समय स्वास्थ्य केंद्र बंद मिला। इसके कारण घायलों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल सका और उन्हें अन्य अस्पतालों में उपचार के लिए भेजना पड़ा। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अभिषेक धीमान ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जा रहा है तथा तलाई पुलिस मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रही। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दियोटसिद्ध और शाहतलाई में वर्षभर, विशेषकर यात्रा सीजन के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में दुर्घटना के समय शाहतलाई का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि धार्मिक यात्रा मार्ग पर 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके।