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Bilaspur News: मन की मैल मिटा रे पगले, तन के पीछे क्यों पड़ा रचना ने लूटी वाहवाही
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लेखक संघ बिलासपुर की मासिक बैठक एवं संगोष्ठी में उपस्थित साहित्यकार। स्रोत: जागरूक पाठक।
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लेखक संघ बिलासपुर की मासिक बैठक एवं संगोष्ठी भरठवाण में आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लेखक संघ बिलासपुर की मासिक बैठक एवं संगोष्ठी गांव भरठवाण के शिव मंदिर में संघ के कोषाध्यक्ष रविंद्र साथी के सौजन्य से आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर और हमीरपुर के लगभग 30 साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र ठाकुर ने की। जबकि कार्यक्रम के मुख्यातिथि मंदिर कमेटी और ग्राम पंचायत बाहणवीं के प्रधान अच्युत शर्मा रहे। मंच संचालन महासचिव रविंद्र कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर मुख्यातिथि ने बिलासपुर लेखक संघ द्वरा लोक संस्कृति, लोक साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को जागरूक करता है और नई दिशा प्रदान करता है। प्रथम सत्र में साहित्यिक चर्चा की गई। रविंद्र ने शिव मंदिर और भरठवाण गांव के इतिहास पर पत्र वाचन किया।
द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी की शुरुआत युवा कवि सुनील शर्मा की कविता पहाड़ पहाड़ न रहे से हुई। डॉ. रविंद्र कुमार ठाकुर ने मैं प्यासी इक बदली निकल पड़ी बनके पगली, रविंद्र कुमार साथी ने वारा ते सामणे दिसदा, बड़ी निराली इसरी शान, निर्मला ठाकुर ने मन की मैल मिटा रे पगले, तन के पीछे क्यों पड़ा, वासुदेव शर्मा ने दस बजने को हो गए हैं, रवींद्र कुमार शर्मा ने सुण मेरिये जीन्दे मैं तां प्योकियां रे जाणा, असां जाणा सौगी सिद्धा जो रोट भी चढ़ाणा कविता प्रस्तुत की। भीम सिंह नेगी ने दाग देखने जो लगे, बीरबल धीमान ने नशे बुराइयां होते दृष्टि से बाहर तेरा लक्ष्य देश हित हो, रूप शर्मा ने शिवरात्रि जब आती है चारों ओर खुशियां छा जाती है, आकाश शर्मा ने बुआ शीर्षक से बहुत सुंदर रचना प्रस्तुत की। बृजलाल लखनपाल ने है राम यह क्या कर रहे हैं हम, द्वारका प्रसाद शर्मा ने अराजकता के बादल मंडरा रहे हैं, रेखा चंदेल ने विवाह गीत प्रस्तुत किया। लता कुमारी ने सोशल मीडिया का नशा, धर्म चंद धीमान ने शक मत करना, डॉ. अनेक राम संख्यान ने गाना प्रस्तुत किया।तिलकराज ने माउथ ऑर्गन पर बहुत ही सुंदर धुन प्रस्तुत की। हेमराज शर्मा ने तपस्या शीर्षक से कविता प्रस्तुत की। जबकि शिवाय शर्मा ने मन करता है, कैप्टन सुरेंद्र शर्मा ने बिलासपुर लेखक संघ तेरा नाम कविता प्रस्तुत की। महिला मंडल भरठवाण की महिलाओं ने नशे पर गाना प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शामिल सभी साहित्यकारों को मंदिर समिति की ओर से स्मृति चिन्ह और काशी विश्वनाथ का प्रसाद दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर सतीश शर्मा, बाहनवीं पंचायत के उप प्रधान कमलजीत, आकाश, वेद प्रकाश, राकेश शर्मा, शांति प्रकाश, अर्श, कांगरु राम, अंजू, नीलम, राज कुमारी, अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लेखक संघ बिलासपुर की मासिक बैठक एवं संगोष्ठी गांव भरठवाण के शिव मंदिर में संघ के कोषाध्यक्ष रविंद्र साथी के सौजन्य से आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर और हमीरपुर के लगभग 30 साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र ठाकुर ने की। जबकि कार्यक्रम के मुख्यातिथि मंदिर कमेटी और ग्राम पंचायत बाहणवीं के प्रधान अच्युत शर्मा रहे। मंच संचालन महासचिव रविंद्र कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर मुख्यातिथि ने बिलासपुर लेखक संघ द्वरा लोक संस्कृति, लोक साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को जागरूक करता है और नई दिशा प्रदान करता है। प्रथम सत्र में साहित्यिक चर्चा की गई। रविंद्र ने शिव मंदिर और भरठवाण गांव के इतिहास पर पत्र वाचन किया।
द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी की शुरुआत युवा कवि सुनील शर्मा की कविता पहाड़ पहाड़ न रहे से हुई। डॉ. रविंद्र कुमार ठाकुर ने मैं प्यासी इक बदली निकल पड़ी बनके पगली, रविंद्र कुमार साथी ने वारा ते सामणे दिसदा, बड़ी निराली इसरी शान, निर्मला ठाकुर ने मन की मैल मिटा रे पगले, तन के पीछे क्यों पड़ा, वासुदेव शर्मा ने दस बजने को हो गए हैं, रवींद्र कुमार शर्मा ने सुण मेरिये जीन्दे मैं तां प्योकियां रे जाणा, असां जाणा सौगी सिद्धा जो रोट भी चढ़ाणा कविता प्रस्तुत की। भीम सिंह नेगी ने दाग देखने जो लगे, बीरबल धीमान ने नशे बुराइयां होते दृष्टि से बाहर तेरा लक्ष्य देश हित हो, रूप शर्मा ने शिवरात्रि जब आती है चारों ओर खुशियां छा जाती है, आकाश शर्मा ने बुआ शीर्षक से बहुत सुंदर रचना प्रस्तुत की। बृजलाल लखनपाल ने है राम यह क्या कर रहे हैं हम, द्वारका प्रसाद शर्मा ने अराजकता के बादल मंडरा रहे हैं, रेखा चंदेल ने विवाह गीत प्रस्तुत किया। लता कुमारी ने सोशल मीडिया का नशा, धर्म चंद धीमान ने शक मत करना, डॉ. अनेक राम संख्यान ने गाना प्रस्तुत किया।तिलकराज ने माउथ ऑर्गन पर बहुत ही सुंदर धुन प्रस्तुत की। हेमराज शर्मा ने तपस्या शीर्षक से कविता प्रस्तुत की। जबकि शिवाय शर्मा ने मन करता है, कैप्टन सुरेंद्र शर्मा ने बिलासपुर लेखक संघ तेरा नाम कविता प्रस्तुत की। महिला मंडल भरठवाण की महिलाओं ने नशे पर गाना प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शामिल सभी साहित्यकारों को मंदिर समिति की ओर से स्मृति चिन्ह और काशी विश्वनाथ का प्रसाद दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर सतीश शर्मा, बाहनवीं पंचायत के उप प्रधान कमलजीत, आकाश, वेद प्रकाश, राकेश शर्मा, शांति प्रकाश, अर्श, कांगरु राम, अंजू, नीलम, राज कुमारी, अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।
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