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Bilaspur News: शिक्षकों को बताए जीव विज्ञान शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के तरीके
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शिवा इंटरनेशनल स्कूल घुमारवीं में आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक। स्रोत: स्
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शिवा इंटरनेशनल स्कूल घुमारवीं में क्षमता निर्माण कार्यक्रम हुआ संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा इंटरनेशनल स्कूल घुमारवीं में सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पंचकूला के मार्गदर्शन में आयोजित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों से आए जीव विज्ञान शिक्षकों ने विषय-आधारित गतिविधियों, समूह चर्चाओं और अनुभव साझा करने वाले सत्रों में सक्रिय भाग लिया। इस दौरान रिसोर्स पर्सन डॉ. शिल्पा गोयल और तनु राणा ने जीव विज्ञान शिक्षण को अधिक प्रभावी, प्रयोगात्मक एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए अनेक नवाचारों एवं आधुनिक शिक्षण रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रशिक्षण में अनुभवात्मक अधिगम, दक्षता-आधारित शिक्षा, क्षमता-आधारित प्रश्न निर्माण, मूल्यांकन तकनीकों, कक्षा में गतिविधि-आधारित शिक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने विभिन्न शिक्षण मॉड्यूल, केस स्टडी, समूह गतिविधियों एवं प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए और नई शिक्षण विधियों का व्यावहारिक अभ्यास किया। स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर पुरुषोत्तम शर्मा एवं कार्यकारी निदेशक आयुष शर्मा ने कहा कि शिक्षकों का सतत व्यावसायिक विकास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है। इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से जोड़ते हैं, जिससे विद्यार्थियों के सीखने की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार आता है। प्रधानाचार्य डॉ. शिल्पा गोयल ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीबीएसई की ओर से आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलते शैक्षिक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंचेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा इंटरनेशनल स्कूल घुमारवीं में सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पंचकूला के मार्गदर्शन में आयोजित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों से आए जीव विज्ञान शिक्षकों ने विषय-आधारित गतिविधियों, समूह चर्चाओं और अनुभव साझा करने वाले सत्रों में सक्रिय भाग लिया। इस दौरान रिसोर्स पर्सन डॉ. शिल्पा गोयल और तनु राणा ने जीव विज्ञान शिक्षण को अधिक प्रभावी, प्रयोगात्मक एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए अनेक नवाचारों एवं आधुनिक शिक्षण रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रशिक्षण में अनुभवात्मक अधिगम, दक्षता-आधारित शिक्षा, क्षमता-आधारित प्रश्न निर्माण, मूल्यांकन तकनीकों, कक्षा में गतिविधि-आधारित शिक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने विभिन्न शिक्षण मॉड्यूल, केस स्टडी, समूह गतिविधियों एवं प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए और नई शिक्षण विधियों का व्यावहारिक अभ्यास किया। स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर पुरुषोत्तम शर्मा एवं कार्यकारी निदेशक आयुष शर्मा ने कहा कि शिक्षकों का सतत व्यावसायिक विकास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है। इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से जोड़ते हैं, जिससे विद्यार्थियों के सीखने की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार आता है। प्रधानाचार्य डॉ. शिल्पा गोयल ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीबीएसई की ओर से आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलते शैक्षिक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंचेगा।