{"_id":"6a0db6f7012a42418f055983","slug":"gehravin-school-conducts-mock-drill-for-earthquake-disaster-teaches-students-safety-measures-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-160241-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: गेहड़वीं स्कूल में भूकंप आपदा को लेकर मॉक ड्रिल, विद्यार्थियों को सिखाए बचाव के उपाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: गेहड़वीं स्कूल में भूकंप आपदा को लेकर मॉक ड्रिल, विद्यार्थियों को सिखाए बचाव के उपाय
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 20 May 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
गेहड़वी स्कूल में आयोजित मॉक ड्रिल में अभ्यास करते बच्चे। स्रोत: स्कूल प्रबंधन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ड्रॉप, कवर, होल्ड तकनीक का कराया अभ्यास, आपात स्थिति में संयम बरतने का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गेहड़वीं में बुधवार को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विस्तृत मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां देने के साथ हुई। विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति के प्रभारी मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को भूकंप आने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना सबसे जरूरी होता है। मॉक ड्रिल के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा कक्ष और विद्यालय परिसर से सुरक्षित बाहर निकलने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों को ड्रॉप, कवर और होल्ड तकनीक का अभ्यास करवाया गया, ताकि भूकंप के दौरान वे स्वयं को सुरक्षित रख सकें। इसके अलावा सुरक्षित मार्गों का प्रयोग, खुले स्थान पर एकत्रित होना, आपातकालीन परिस्थितियों में अनुशासन बनाए रखने संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जानकारी दी गई। ड्रिल के दौरान प्राथमिक उपचार, घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता पहुंचाने तथा किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के तरीकों से भी विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया। विद्यालय परिसर में पूरे अभ्यास को चरणबद्ध तरीके से करवाया गया, जिससे विद्यार्थियों में आपदा के समय सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके। विद्यालय प्रधानाचार्य ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ आपदा के समय त्वरित और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से जागरूक और अनुशासित नागरिक बनने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि भविष्य में भी विद्यालय में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम और आपदा प्रबंधन संबंधी मॉक ड्रिल आयोजित की जाती रहेंगी। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गेहड़वीं में बुधवार को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विस्तृत मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां देने के साथ हुई। विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति के प्रभारी मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को भूकंप आने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना सबसे जरूरी होता है। मॉक ड्रिल के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा कक्ष और विद्यालय परिसर से सुरक्षित बाहर निकलने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों को ड्रॉप, कवर और होल्ड तकनीक का अभ्यास करवाया गया, ताकि भूकंप के दौरान वे स्वयं को सुरक्षित रख सकें। इसके अलावा सुरक्षित मार्गों का प्रयोग, खुले स्थान पर एकत्रित होना, आपातकालीन परिस्थितियों में अनुशासन बनाए रखने संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जानकारी दी गई। ड्रिल के दौरान प्राथमिक उपचार, घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता पहुंचाने तथा किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के तरीकों से भी विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया। विद्यालय परिसर में पूरे अभ्यास को चरणबद्ध तरीके से करवाया गया, जिससे विद्यार्थियों में आपदा के समय सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके। विद्यालय प्रधानाचार्य ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ आपदा के समय त्वरित और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से जागरूक और अनुशासित नागरिक बनने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि भविष्य में भी विद्यालय में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम और आपदा प्रबंधन संबंधी मॉक ड्रिल आयोजित की जाती रहेंगी। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन