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Bilaspur News: आधे स्टाफ के सहारे चल रहा है बागवानी विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:51 PM IST
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सीमित कर्मचारियों पर है कई योजनाओं का जिम्मा
स्वीकृत 96 पद, कार्यरत हैं केवल 48 कर्मचारी
रजनीश शर्मा
मलोखर(बिलासपुर)। जिले में बागवानी विभाग स्वीकृत पदों की तुलना में आधे से भी कम स्टाफ के सहारे काम कर रहा है। विभाग में कुल 96 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 48 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी के बावजूद विभाग किसान-बागवानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दे रहा है।
जानकारी के अनुसार स्टाफ की कमी के कारण अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। कई क्षेत्रों में एक ही कर्मचारी को एक से अधिक पंचायतों, गांवों या क्लस्टरों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इसके बावजूद विभाग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने, पौध सामग्री उपलब्ध करवाने, निरीक्षण करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जिले में बागवानी क्षेत्र से संबंधित अनेक योजनाएं संचालित हो रही हैं। इनमें फलदार पौध वितरण, उच्च गुणवत्ता पौध उत्पादन कार्यक्रम, ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई प्रोत्साहन, संरक्षित खेती (पॉली हाउस/शेडनेट), बागों का पुनरुद्धार, नई किस्मों का विस्तार, सामूहिक खेती क्लस्टर विकास, पौध संरक्षण कार्यक्रम, किसान प्रशिक्षण व भ्रमण योजनाएं तथा विभिन्न केंद्र व राज्य प्रायोजित परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन का दायित्व सीमित कर्मचारियों पर होने के बावजूद विभाग किसानों तक सेवाएं पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
जिले के किसानों और बागवानों ने विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए नवनियुक्त बागवानी निदेशक से मांग की है कि खाली पदों को जल्द भरा जाए। उनका कहना है कि यदि पूरा स्टाफ उपलब्ध हो जाए तो विभाग योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेगा तथा ज्यादा किसानों तक लाभ पहुंचाया जा सकेगा। बागवानों का कहना है कि सरकार बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण उनका अपेक्षित विस्तार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में रिक्त पदों को शीघ्र भरना आवश्यक है, ताकि जिले में बागवानी गतिविधियों को और गति मिल सके तथा किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास मजबूत हों। संवाद
कोट
स्टाफ की कमी के बावजूद विभाग किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। फील्ड स्तर पर कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं ताकि किसी भी क्षेत्र में काम प्रभावित न हो। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों को तकनीकी सहायता और योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने यह भी कहा कि रिक्त पदों को भरने का विषय उच्च स्तर पर भेजा गया है और स्टाफ उपलब्ध होने पर कार्य और बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
जगदीश वर्मा, निदेशक, उद्यान विभाग
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स्वीकृत 96 पद, कार्यरत हैं केवल 48 कर्मचारी
रजनीश शर्मा
मलोखर(बिलासपुर)। जिले में बागवानी विभाग स्वीकृत पदों की तुलना में आधे से भी कम स्टाफ के सहारे काम कर रहा है। विभाग में कुल 96 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 48 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी के बावजूद विभाग किसान-बागवानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दे रहा है।
जानकारी के अनुसार स्टाफ की कमी के कारण अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। कई क्षेत्रों में एक ही कर्मचारी को एक से अधिक पंचायतों, गांवों या क्लस्टरों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इसके बावजूद विभाग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने, पौध सामग्री उपलब्ध करवाने, निरीक्षण करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जिले में बागवानी क्षेत्र से संबंधित अनेक योजनाएं संचालित हो रही हैं। इनमें फलदार पौध वितरण, उच्च गुणवत्ता पौध उत्पादन कार्यक्रम, ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई प्रोत्साहन, संरक्षित खेती (पॉली हाउस/शेडनेट), बागों का पुनरुद्धार, नई किस्मों का विस्तार, सामूहिक खेती क्लस्टर विकास, पौध संरक्षण कार्यक्रम, किसान प्रशिक्षण व भ्रमण योजनाएं तथा विभिन्न केंद्र व राज्य प्रायोजित परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन का दायित्व सीमित कर्मचारियों पर होने के बावजूद विभाग किसानों तक सेवाएं पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
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जिले के किसानों और बागवानों ने विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए नवनियुक्त बागवानी निदेशक से मांग की है कि खाली पदों को जल्द भरा जाए। उनका कहना है कि यदि पूरा स्टाफ उपलब्ध हो जाए तो विभाग योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेगा तथा ज्यादा किसानों तक लाभ पहुंचाया जा सकेगा। बागवानों का कहना है कि सरकार बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण उनका अपेक्षित विस्तार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में रिक्त पदों को शीघ्र भरना आवश्यक है, ताकि जिले में बागवानी गतिविधियों को और गति मिल सके तथा किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास मजबूत हों। संवाद
कोट
स्टाफ की कमी के बावजूद विभाग किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। फील्ड स्तर पर कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं ताकि किसी भी क्षेत्र में काम प्रभावित न हो। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों को तकनीकी सहायता और योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने यह भी कहा कि रिक्त पदों को भरने का विषय उच्च स्तर पर भेजा गया है और स्टाफ उपलब्ध होने पर कार्य और बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
जगदीश वर्मा, निदेशक, उद्यान विभाग