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Bilaspur News: अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, हो सकता है बड़ा हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:48 PM IST
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2025 में नोटिस मिलने के बाद भी निजी और सरकारी संस्थानों ने नहीं किए इंतजाम
कार्यालय और प्रतिष्ठान विभाग की निगरानी में, कई को दोबारा दी चेतावनी
एनओसी के बिना संस्थानों का संचालन भी बना चिंता का विषय
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड को देखते हुए जिले में अग्नि सुरक्षा को लेकर विभाग और संस्थान चौकस नहीं हैं। लापरवाही का आलम है कि अग्निशमन विभाग द्वारा वर्ष 2025 में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कई संस्थानों ने आज तक आवश्यक सुरक्षा प्रबंध नहीं किए हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार 19 ऐसे संस्थान हैं, जहां अग्निशमन उपकरणों और अन्य सुरक्षा उपायों में गंभीर कमियां पाई गई थीं। इनमें से कई संस्थानों को एक से अधिक बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय भवन संहिता और अग्नि सुरक्षा नियमों के तहत संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास, जल स्रोत और अन्य सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य हैं। निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर विभाग ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद कई जगहों पर आज भी सुरक्षा उपकरण स्थापित नहीं किए गए हैं या उपलब्ध उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। नोटिस प्राप्त संस्थानों में द लेक व्यू होटल बिलासपुर, पंचवटी सुंगल, कामधेनु हितकारी संस्था राजघाटी नम्होल, बोटेनिक हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड ग्वालथाई, बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड बरमाणा, नंद प्रकाश बोहरा बिलासपुर सहित अन्य निजी संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा उपायुक्त कार्यालय, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, उपनिदेशक शिक्षा कार्यालय, मंडलीय वन अधिकारी कार्यालय, जिला भाषा अधिकारी कार्यालय, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, एलआईसी कार्यालय जैसे सरकारी संस्थानों के नाम भी नोटिस जारी होने वाली सूची में शामिल हैं। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में शेखर शारदा ट्रेडर्स, आंचल गारमेंट्स और श्याम लाल मुंशी लाल ट्रेडर्स को भी विभाग ने नोटिस जारी किए थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन संस्थानों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था स्थापित कर वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई मामलों में अनुपालन अधूरा पाया गया है। अग्निशमन विभाग के अनुसार जिले में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए 25 फायर हाइड्रेंट स्थापित हैं, जिनमें 15 मुख्य बाजार क्षेत्र और 10 औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके अलावा चार फायर टेंडर, 30 से 32 प्रशिक्षित जवान चौबीस घंटे उपलब्ध रहते हैं। विभाग का कहना है कि जिन संस्थानों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे और जिन्होंने अब तक सुरक्षा मानकों की पूर्ति नहीं की है, उन्हें जल्द आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने होंगे। मानव जीवन की सुरक्षा को देखते हुए अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जा रहा है और भविष्य में नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। बताया जा रहा है कि इनमें से कई संस्थानों को दूसरी बार भी नोटिस जारी हुआ है, लेकिन उसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुए हैं। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि जल्द ही सभी निजी और सरकारी संस्थानों को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे कि वो अग्नि सुरक्षा मानकों की अनुपालना करें। जो भी कमियां हैं वो पूरी कराई जाएगी। ताकि कहीं भी किसी भी तरह की अनहोनी न हो।
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एनओसी के बिना संस्थानों का संचालन भी बना चिंता का विषय
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड को देखते हुए जिले में अग्नि सुरक्षा को लेकर विभाग और संस्थान चौकस नहीं हैं। लापरवाही का आलम है कि अग्निशमन विभाग द्वारा वर्ष 2025 में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कई संस्थानों ने आज तक आवश्यक सुरक्षा प्रबंध नहीं किए हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार 19 ऐसे संस्थान हैं, जहां अग्निशमन उपकरणों और अन्य सुरक्षा उपायों में गंभीर कमियां पाई गई थीं। इनमें से कई संस्थानों को एक से अधिक बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय भवन संहिता और अग्नि सुरक्षा नियमों के तहत संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास, जल स्रोत और अन्य सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य हैं। निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर विभाग ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद कई जगहों पर आज भी सुरक्षा उपकरण स्थापित नहीं किए गए हैं या उपलब्ध उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। नोटिस प्राप्त संस्थानों में द लेक व्यू होटल बिलासपुर, पंचवटी सुंगल, कामधेनु हितकारी संस्था राजघाटी नम्होल, बोटेनिक हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड ग्वालथाई, बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड बरमाणा, नंद प्रकाश बोहरा बिलासपुर सहित अन्य निजी संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा उपायुक्त कार्यालय, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, उपनिदेशक शिक्षा कार्यालय, मंडलीय वन अधिकारी कार्यालय, जिला भाषा अधिकारी कार्यालय, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, एलआईसी कार्यालय जैसे सरकारी संस्थानों के नाम भी नोटिस जारी होने वाली सूची में शामिल हैं। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में शेखर शारदा ट्रेडर्स, आंचल गारमेंट्स और श्याम लाल मुंशी लाल ट्रेडर्स को भी विभाग ने नोटिस जारी किए थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन संस्थानों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था स्थापित कर वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई मामलों में अनुपालन अधूरा पाया गया है। अग्निशमन विभाग के अनुसार जिले में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए 25 फायर हाइड्रेंट स्थापित हैं, जिनमें 15 मुख्य बाजार क्षेत्र और 10 औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके अलावा चार फायर टेंडर, 30 से 32 प्रशिक्षित जवान चौबीस घंटे उपलब्ध रहते हैं। विभाग का कहना है कि जिन संस्थानों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे और जिन्होंने अब तक सुरक्षा मानकों की पूर्ति नहीं की है, उन्हें जल्द आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने होंगे। मानव जीवन की सुरक्षा को देखते हुए अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जा रहा है और भविष्य में नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। बताया जा रहा है कि इनमें से कई संस्थानों को दूसरी बार भी नोटिस जारी हुआ है, लेकिन उसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुए हैं। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि जल्द ही सभी निजी और सरकारी संस्थानों को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे कि वो अग्नि सुरक्षा मानकों की अनुपालना करें। जो भी कमियां हैं वो पूरी कराई जाएगी। ताकि कहीं भी किसी भी तरह की अनहोनी न हो।
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