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Bilaspur News: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नम्होल में डॉक्टरों की कमी, स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:47 PM IST
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पीएचसी नम्होल की समस्या को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए नव निर्वाचित जिला परिषद सदस्य सुर
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15 पंचायतों की आबादी बेहाल, नव निर्वाचित जिप सदस्य ने डीसी को दिया ज्ञापन
प्राथमिक इलाज के लिए भी लोगों को पूरा दिन करना पड़ रहा है इंतजार
सर्दी और जुकाम होने पर भी जुखाला व एम्स तक लगानी पड़ रही है दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नम्होल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के कई पद लंबे समय से खाली पड़े होने के कारण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर करीब 15 ग्राम पंचायतों की हजारों की आबादी को अब सामान्य और प्राथमिक उपचार के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को छोटे से इलाज के लिए भी पूरा दिन खराब करना पड़ता है और मजबूरी में जुखाला या एम्स बिलासपुर तक जाना पड़ रहा है।
इसी समस्या को लेकर नम्होल वार्ड से नव निर्वाचित जिला परिषद सदस्य सुरभि ठाकुर ने उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपलब्धता के चलते बुखार, सर्दी-जुकाम, चोट, दर्द और अन्य सामान्य बीमारियों का इलाज भी समय पर नहीं हो पाता। कई बार मरीजों को प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण गंभीर स्थिति का जोखिम भी उठाना पड़ता है। बताया कि एक साधारण जांच या दवा लेने के लिए भी उन्हें सुबह से शाम तक का समय लग जाता है, जिससे उनकी दैनिक मजदूरी और कामकाज पर भी असर पड़ता है। बताया कि इस समस्या से उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। बार-बार दूरस्थ अस्पतालों तक जाने-आने में किराया, समय और कामकाज का नुकसान होता है, जो पहले से ही कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ठाकुर ने उपायुक्त से जल्द से जल्द डॉक्टरों की तैनाती की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पीएचसी में लंबे समय से खाली पदों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं जनता का मूल अधिकार हैं और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन से मांग की है कि पीएचसी में डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति की जाए ताकि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर लौट सके और लोगों को राहत मिल सके।
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प्राथमिक इलाज के लिए भी लोगों को पूरा दिन करना पड़ रहा है इंतजार
सर्दी और जुकाम होने पर भी जुखाला व एम्स तक लगानी पड़ रही है दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नम्होल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के कई पद लंबे समय से खाली पड़े होने के कारण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर करीब 15 ग्राम पंचायतों की हजारों की आबादी को अब सामान्य और प्राथमिक उपचार के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को छोटे से इलाज के लिए भी पूरा दिन खराब करना पड़ता है और मजबूरी में जुखाला या एम्स बिलासपुर तक जाना पड़ रहा है।
इसी समस्या को लेकर नम्होल वार्ड से नव निर्वाचित जिला परिषद सदस्य सुरभि ठाकुर ने उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपलब्धता के चलते बुखार, सर्दी-जुकाम, चोट, दर्द और अन्य सामान्य बीमारियों का इलाज भी समय पर नहीं हो पाता। कई बार मरीजों को प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण गंभीर स्थिति का जोखिम भी उठाना पड़ता है। बताया कि एक साधारण जांच या दवा लेने के लिए भी उन्हें सुबह से शाम तक का समय लग जाता है, जिससे उनकी दैनिक मजदूरी और कामकाज पर भी असर पड़ता है। बताया कि इस समस्या से उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। बार-बार दूरस्थ अस्पतालों तक जाने-आने में किराया, समय और कामकाज का नुकसान होता है, जो पहले से ही कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ठाकुर ने उपायुक्त से जल्द से जल्द डॉक्टरों की तैनाती की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पीएचसी में लंबे समय से खाली पदों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं जनता का मूल अधिकार हैं और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन से मांग की है कि पीएचसी में डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति की जाए ताकि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर लौट सके और लोगों को राहत मिल सके।
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