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Chamba News: सायरन बजते ही खुली इमरजेंसी, गोद में दौड़ा पूरा दर्द
Sat, 08 Aug 2026 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 08 Aug 2026 10:59 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में निजी सुरक्षा कर्मी घायल बच्ची को गौद में उठाकर ले जाती हुई। संवाद।
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बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही अलर्ट मोड पर आ गया चंबा का मेडिकल कॉलेज प्रबंधन
घायलों के पहुंचने से पहले आपातकालीन कक्ष में पहुंच गए सभी विशेषज्ञ
घायलों की तरंत जांच करके किया इलाज, तीन को टांडा किया गया रेफर
पेशेंट केयर दिखे लापता और गोद में उठाकर घायल बच्चों को लेकर दौड़ते रहे परिजन
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एक तरफ एंबुलेंस के सायरन... दूसरी तरफ गोद में घायल बच्चों को लेकर भागते परिजन और बीच में जिंदगी बचाने की जद्दोजहद। चंबा मेडिकल कॉलेज में बस हादसे के घायलों के लाते ही शनिवार सुबह अस्पताल की तस्वीर ही बदल गई। इमरजेंसी को मिनटों में तैयार कर दिया गया। विशेषज्ञ डॉक्टर घायलों के पहुंचने से पहले मोर्चा संभाल चुके थे। इलाज फौरन शुरू हुआ। भीड़ को हटाया गया। मरीजों और तीमारदारों को समझ नहीं आया कि हो क्या रहा है। अफरा-तफरी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि मरीजों की मदद के लिए तैनात पेशेंट केयर गायब रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : शनिवार, समय : सुबह 10 बजे, स्थान पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज। बस दुर्घटना में घायल बच्चों को गोद में उठाकर परिजन इधर-उधर दौड़ रहे हैं। मरीजों की सुविधा के लिए रखे पेशेंट केयर नजर नहीं आए। हालांकि, डॉक्टरों ने पहले ही पेशेंट केयर को वहां रहने के निर्देश दिए थे। प्रबंधन को बस दुर्घटना के घायलों के रेफर की सूचना मिरी तो सर्जरी, ऑर्थाे, एनीस्थीसिया और मेडिसन के विशेषज्ञ तुरंत अस्पताल पहुंच गए।
स्टॉफ को घायलों के इलाज के संबंध में जानकारी दी गई। 10:20 बजे तीसा से एंबुलेंस एक घायल को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची। सबसे पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ ने घायल की हालत देखी। उसे स्ट्रेचर से आपातकालीन कक्ष में लाया गया और तुरंत इलाज शुरू कर दिया। 11 बजे दूसरी एंबुलेंस घायलों को लेकर पहुंची। इसमें घायल चार बच्चियां थीं। निजी सुरक्षा कर्मी और तीमारदार उन्हें गोद में उठाकर आपातकालीन कक्ष में ले गए। सर्जरी और हड्डी रोग विशेषज्ञों ने जांच के बाद सीटी स्कैन और एक्सरे करवाने का परामर्श दिया। उन्हें गोद में उठाकर परिजन टेस्ट करवाने के लिए भाग रहे हैं। 12:45 पर आखिरी घायल को एंबुलेंस से लाया गया। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मानिक सहगल और सर्जन डॉ. रोहित ठाकुर सभी घायलों की जांच कर उन्हें जरूरी टेस्ट के लिए भेजा।
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प्राथमिक उपचार के बाद टांडा भेजे तीन घायल
एक मरीज के फेफड़े में चोट आई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सभी मरीजों के एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाए गए। 70 वर्षीय धर्मू देवी, 35 वर्षीय विजय कुमार और 32 साल की सुष्मिता को गंभीर चोटें आने के कारण रेफर कर दिया गया। प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक, विधायक नीरज नैय्यर अस्पताल में मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 11 घायलों को इलाज के लिए लाया गया। इनमें तीन को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया और 8 का इलाज मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है।
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घायलों के पहुंचने से पहले आपातकालीन कक्ष में पहुंच गए सभी विशेषज्ञ
घायलों की तरंत जांच करके किया इलाज, तीन को टांडा किया गया रेफर
पेशेंट केयर दिखे लापता और गोद में उठाकर घायल बच्चों को लेकर दौड़ते रहे परिजन
एक तरफ एंबुलेंस के सायरन... दूसरी तरफ गोद में घायल बच्चों को लेकर भागते परिजन और बीच में जिंदगी बचाने की जद्दोजहद। चंबा मेडिकल कॉलेज में बस हादसे के घायलों के लाते ही शनिवार सुबह अस्पताल की तस्वीर ही बदल गई। इमरजेंसी को मिनटों में तैयार कर दिया गया। विशेषज्ञ डॉक्टर घायलों के पहुंचने से पहले मोर्चा संभाल चुके थे। इलाज फौरन शुरू हुआ। भीड़ को हटाया गया। मरीजों और तीमारदारों को समझ नहीं आया कि हो क्या रहा है। अफरा-तफरी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि मरीजों की मदद के लिए तैनात पेशेंट केयर गायब रहा।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : शनिवार, समय : सुबह 10 बजे, स्थान पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज। बस दुर्घटना में घायल बच्चों को गोद में उठाकर परिजन इधर-उधर दौड़ रहे हैं। मरीजों की सुविधा के लिए रखे पेशेंट केयर नजर नहीं आए। हालांकि, डॉक्टरों ने पहले ही पेशेंट केयर को वहां रहने के निर्देश दिए थे। प्रबंधन को बस दुर्घटना के घायलों के रेफर की सूचना मिरी तो सर्जरी, ऑर्थाे, एनीस्थीसिया और मेडिसन के विशेषज्ञ तुरंत अस्पताल पहुंच गए।
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स्टॉफ को घायलों के इलाज के संबंध में जानकारी दी गई। 10:20 बजे तीसा से एंबुलेंस एक घायल को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची। सबसे पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ ने घायल की हालत देखी। उसे स्ट्रेचर से आपातकालीन कक्ष में लाया गया और तुरंत इलाज शुरू कर दिया। 11 बजे दूसरी एंबुलेंस घायलों को लेकर पहुंची। इसमें घायल चार बच्चियां थीं। निजी सुरक्षा कर्मी और तीमारदार उन्हें गोद में उठाकर आपातकालीन कक्ष में ले गए। सर्जरी और हड्डी रोग विशेषज्ञों ने जांच के बाद सीटी स्कैन और एक्सरे करवाने का परामर्श दिया। उन्हें गोद में उठाकर परिजन टेस्ट करवाने के लिए भाग रहे हैं। 12:45 पर आखिरी घायल को एंबुलेंस से लाया गया। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मानिक सहगल और सर्जन डॉ. रोहित ठाकुर सभी घायलों की जांच कर उन्हें जरूरी टेस्ट के लिए भेजा।
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प्राथमिक उपचार के बाद टांडा भेजे तीन घायल
एक मरीज के फेफड़े में चोट आई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सभी मरीजों के एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाए गए। 70 वर्षीय धर्मू देवी, 35 वर्षीय विजय कुमार और 32 साल की सुष्मिता को गंभीर चोटें आने के कारण रेफर कर दिया गया। प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक, विधायक नीरज नैय्यर अस्पताल में मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 11 घायलों को इलाज के लिए लाया गया। इनमें तीन को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया और 8 का इलाज मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है।