{"_id":"6982312c6c626e7e4e076403","slug":"garbage-collection-vehicles-will-be-fitted-with-gps-to-instantly-identify-where-the-garbage-is-disposed-of-chamba-news-c-88-1-ssml1006-173672-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों पर लगेगा जीपीएस, तुरंत पता चलेगा कहां ठिकाने लगाया कचरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों पर लगेगा जीपीएस, तुरंत पता चलेगा कहां ठिकाने लगाया कचरा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:02 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चंबा। शहर में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की अब जीपीएस से निगरानी की जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चंबा ने नगर परिषद को सभी वाहनों में जीपीएस लगाने के संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे पता लगेगा कि शहर के वार्डाें में कचरा उठाने के लिए गाड़ी पहुंची या नहीं। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो जाएगा कि कचरा कहां पर ठिकाने लगाया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि अक्सर यह शिकायतें मिलती रही हैं कि नगर परिषद के सफाई संबंधी ठेकेदार की गाड़ियां मोहल्लों में समय पर नहीं पहुंचतीं या फिर कूड़ा निस्तारण के बजाय रावी नदी के किनारे और नालों में डाल दिया जाता है। जीपीएस से युक्त वाहन अब समय से मोहल्लों में पहुचेंगे। साथ ही कूड़े को निर्धारित स्थान पर ही डंप करने को मजबूर होंगे।
तय मार्ग से अलग जाने या कूड़ा निस्तारण केंद्र तक नहीं पहुंचने पर कंट्रोल रूम में तुरंत अलर्ट मैसेज से पता चल जाएगा और वाहन चालक पर कार्रवाई की जा सकेगी।
यहां फेंक रहे कूड़ा
करियां और सुल्तानपुर में रावी नदी के तट कचरे से भर चुके हैं। यहां पर कई बार नगर परिषद के ठेकेदार की गाड़ियों को कचरा फेंकते हुए लोगों ने वीडियो भी बनाए हैं। इसके अलावा शीतला पुल, बालू, पक्का टाला और सरोथा नाला कचरे से भरे हैं। यहां पर कचरा शहर से उठाकर ठिकाने लगाया जा रहा है। इससे इन क्षेत्रों में गंदगी तो फैली ही रहती है, लेकिन बारिश के बाद दुर्गंध परेशानी बढ़ा देती है और वहां से निकलना मुश्किल हो जाता है।
कुरांह संयंत्र बंद, मरेड़ी में अस्थायी व्यवस्था हो चुकी ढेर
कुरांह में कूड़ा संयंत्र एक साल से बंद पड़ा है। मरेड़ी में नगर परिषद ने अस्थायी व्यवस्था की है। वहां पर भी लोग अब कचरे के निष्पादन को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। ऐसे में लोगों का सवाल है कि बिना कूड़ा संयंत्र कचरा कहां ठिकाने लगाया जा रहा है। इसी कारण यह निर्देश बोर्ड के सदस्य सचिव शिमला की आरे से जारी हुए हैं और इसमें वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया है।
कूड़ा उठाने वाली सभी गाड़ियों में जीपीएस लगाना अनिवार्य किया गया है, जो भी गाड़ी खुले में कचरे को फेंकेगी, उसकी लोकेशन जीपीएस से पता लग जाएगी। उसके आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राहुल शर्मा, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, चंबा
Trending Videos
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि अक्सर यह शिकायतें मिलती रही हैं कि नगर परिषद के सफाई संबंधी ठेकेदार की गाड़ियां मोहल्लों में समय पर नहीं पहुंचतीं या फिर कूड़ा निस्तारण के बजाय रावी नदी के किनारे और नालों में डाल दिया जाता है। जीपीएस से युक्त वाहन अब समय से मोहल्लों में पहुचेंगे। साथ ही कूड़े को निर्धारित स्थान पर ही डंप करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
तय मार्ग से अलग जाने या कूड़ा निस्तारण केंद्र तक नहीं पहुंचने पर कंट्रोल रूम में तुरंत अलर्ट मैसेज से पता चल जाएगा और वाहन चालक पर कार्रवाई की जा सकेगी।
यहां फेंक रहे कूड़ा
करियां और सुल्तानपुर में रावी नदी के तट कचरे से भर चुके हैं। यहां पर कई बार नगर परिषद के ठेकेदार की गाड़ियों को कचरा फेंकते हुए लोगों ने वीडियो भी बनाए हैं। इसके अलावा शीतला पुल, बालू, पक्का टाला और सरोथा नाला कचरे से भरे हैं। यहां पर कचरा शहर से उठाकर ठिकाने लगाया जा रहा है। इससे इन क्षेत्रों में गंदगी तो फैली ही रहती है, लेकिन बारिश के बाद दुर्गंध परेशानी बढ़ा देती है और वहां से निकलना मुश्किल हो जाता है।
कुरांह संयंत्र बंद, मरेड़ी में अस्थायी व्यवस्था हो चुकी ढेर
कुरांह में कूड़ा संयंत्र एक साल से बंद पड़ा है। मरेड़ी में नगर परिषद ने अस्थायी व्यवस्था की है। वहां पर भी लोग अब कचरे के निष्पादन को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। ऐसे में लोगों का सवाल है कि बिना कूड़ा संयंत्र कचरा कहां ठिकाने लगाया जा रहा है। इसी कारण यह निर्देश बोर्ड के सदस्य सचिव शिमला की आरे से जारी हुए हैं और इसमें वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया है।
कूड़ा उठाने वाली सभी गाड़ियों में जीपीएस लगाना अनिवार्य किया गया है, जो भी गाड़ी खुले में कचरे को फेंकेगी, उसकी लोकेशन जीपीएस से पता लग जाएगी। उसके आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राहुल शर्मा, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, चंबा
