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Chamba News: प्रतिबंध के बाद भी बसों से लाई जा रही एक क्विंटल मछली जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 24 Jun 2026 11:30 AM IST
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चंबा-तीसा मार्ग पर जब्त की गई मछली।स्रोत विभाग
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चंबा। मत्स्य बंद सीजन के दौरान अवैध परिवहन और विक्रय पर रोक के बावजूद चंबा-तीसा मार्ग पर बसों के जरिये लाई जा रही करीब एक क्विंटल मछली मत्स्य पालन विभाग की टीम ने जब्त की है।
जब्त मछलियों की सार्वजनिक नीलामी कर विभाग ने 16,138 रुपये का राजस्व भी प्राप्त किया। प्रदेश में सामान्य जल क्षेत्रों में हर साल 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य बंद सीजन लागू रहता है। इस अवधि में मछली पकड़ने, उसके परिवहन और विक्रय पर प्रतिबंध रहता है। इसका उद्देश्य मछली प्रजातियों के प्रजनन और संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर बंद सीजन में भी मछलियों का अवैध परिवहन और विक्रय कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए मत्स्य पालन विभाग ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है।
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मत्स्य बंद सीजन के दौरान 11 मई से अब तक 16 मामले पकड़े जा चुके हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों से 11,800 रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं, जब्त की गई मछलियों की नीलामी से अब तक 31,838 रुपये का राजस्व विभाग को मिला है।
मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने कहा कि मत्स्य संपदा प्रदेश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने स्थानीय लोगों, मछुआरा समुदाय और व्यापारियों से अपील की है कि बंद सीजन में कहीं भी मछली पकड़ने, अवैध परिवहन या विक्रय की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें।
जब्त मछलियों की सार्वजनिक नीलामी कर विभाग ने 16,138 रुपये का राजस्व भी प्राप्त किया। प्रदेश में सामान्य जल क्षेत्रों में हर साल 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य बंद सीजन लागू रहता है। इस अवधि में मछली पकड़ने, उसके परिवहन और विक्रय पर प्रतिबंध रहता है। इसका उद्देश्य मछली प्रजातियों के प्रजनन और संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
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इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर बंद सीजन में भी मछलियों का अवैध परिवहन और विक्रय कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए मत्स्य पालन विभाग ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है।
मत्स्य बंद सीजन के दौरान 11 मई से अब तक 16 मामले पकड़े जा चुके हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों से 11,800 रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं, जब्त की गई मछलियों की नीलामी से अब तक 31,838 रुपये का राजस्व विभाग को मिला है।
मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने कहा कि मत्स्य संपदा प्रदेश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने स्थानीय लोगों, मछुआरा समुदाय और व्यापारियों से अपील की है कि बंद सीजन में कहीं भी मछली पकड़ने, अवैध परिवहन या विक्रय की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें।