{"_id":"697a4567811ff40fac0a3a3c","slug":"optical-coherence-tomography-machine-should-be-given-to-medical-colleges-for-eye-examination-chamba-news-c-88-1-ssml1004-173159-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: आंखों की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज को दी जाए ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: आंखों की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज को दी जाए ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 28 Jan 2026 10:50 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चंबा। चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा में आंखों की जांच के लिए ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी मशीन स्थापित करने की मांग उठाई है। साथ ही मेडिकल कॉलेज को सांसदों, सामाजिक संगठनों की ओर से प्रदान की गईं एंबुलेंसों से संपर्क के लिए नोटिस बोर्ड पर मोबाइल नंबर अंकित करने की भी मांग प्रदेश सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की है।
चंबा वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुरेश कश्मीरी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा को खुले हुए आठ वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक आंखों की गहन जांच के लिए आवश्यक ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी मशीन स्थापित नहीं हो पाई है।
यह मशीन रेटिना संबंधी रोगों की सटीक जांच के लिए अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में रेटिना की समस्या से ग्रस्त मरीजों को मजबूरीवश यह जांच करवाने के लिए चंबा से बाहर टांडा, शिमला या चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है। इसकी एवज में लोगों को 1,500 से 4,000 रुपये तक का खर्च उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा को हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त कई सामाजिक संस्थाओं और पूर्व सांसदों जैसे पूर्व सांसद शांता कुमार, राजन सुशांत, किशन कपूर के अलावा एसबीआई बैंक शाखा चंबा, मानव संसाधन समिति बनीखेत की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध करवाई गईं हैं। बावजूद इसके लोगों को इसका भरपूर लाभ तक नहीं मिल पा रहा है, जिसका मुख्य कारण संपर्क जानकारी उपलब्ध न होना है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग उठाई है कि सभी एंबुलेंसों के फोन नंबर और संपर्क विवरण अस्पताल के नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए।
Trending Videos
चंबा वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुरेश कश्मीरी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा को खुले हुए आठ वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक आंखों की गहन जांच के लिए आवश्यक ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी मशीन स्थापित नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह मशीन रेटिना संबंधी रोगों की सटीक जांच के लिए अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में रेटिना की समस्या से ग्रस्त मरीजों को मजबूरीवश यह जांच करवाने के लिए चंबा से बाहर टांडा, शिमला या चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है। इसकी एवज में लोगों को 1,500 से 4,000 रुपये तक का खर्च उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा को हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त कई सामाजिक संस्थाओं और पूर्व सांसदों जैसे पूर्व सांसद शांता कुमार, राजन सुशांत, किशन कपूर के अलावा एसबीआई बैंक शाखा चंबा, मानव संसाधन समिति बनीखेत की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध करवाई गईं हैं। बावजूद इसके लोगों को इसका भरपूर लाभ तक नहीं मिल पा रहा है, जिसका मुख्य कारण संपर्क जानकारी उपलब्ध न होना है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग उठाई है कि सभी एंबुलेंसों के फोन नंबर और संपर्क विवरण अस्पताल के नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए।