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Chamba News: स्वयं सहायता समूह से जोड़ संवारी ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 28 Jan 2026 10:46 PM IST
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सिहुंता (चंबा)। क्षेत्र की मोतला पंचायत की प्रधान रक्षा देवी ने पंचायत के विकास कार्यों के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की है। प्रधान रक्षा देवी ने पंचायत की 12 महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा और उन्हें जुराबें बुनने, अचार और चुख बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिलवाया। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं अब अपने उत्पाद स्वयं तैयार कर रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
रक्षा देवी ने बताया कि उन्होंने घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक किया और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं मेलों और स्थानीय आयोजनों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है।
महिलाओं ने केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता ही नहीं पाई बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का भी परिचय दिया है। जंगलों में आग लगने की घटनाओं के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने में सक्रिय भूमिका निभाई और पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान दिया।
उनके पति रंजीत सिंह ठेकेदारी का कार्य करते हैं, जबकि उनका बेटा और बेटी पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो पूरा समाज मजबूत बनता है। भविष्य में वह और अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर नए-नए उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण देने की योजना बना रही हैं, ताकि महिलाएं घर संभालने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन सकें।
10 से 15 हजार रुपये आमदनी
इन महिलाओं के बनाए उत्पाद मोतला क्षेत्र सहित चंबा में बिके रहे हैं। इससे वह महीने में 10 से 15 हजार तक की आमदनी कमा रही हैं। वे डिमांड पर ही उत्पाद तैयार करती हैं।
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रक्षा देवी ने बताया कि उन्होंने घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक किया और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं मेलों और स्थानीय आयोजनों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है।
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महिलाओं ने केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता ही नहीं पाई बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का भी परिचय दिया है। जंगलों में आग लगने की घटनाओं के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने में सक्रिय भूमिका निभाई और पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान दिया।
उनके पति रंजीत सिंह ठेकेदारी का कार्य करते हैं, जबकि उनका बेटा और बेटी पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो पूरा समाज मजबूत बनता है। भविष्य में वह और अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर नए-नए उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण देने की योजना बना रही हैं, ताकि महिलाएं घर संभालने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन सकें।
10 से 15 हजार रुपये आमदनी
इन महिलाओं के बनाए उत्पाद मोतला क्षेत्र सहित चंबा में बिके रहे हैं। इससे वह महीने में 10 से 15 हजार तक की आमदनी कमा रही हैं। वे डिमांड पर ही उत्पाद तैयार करती हैं।