{"_id":"6a3032ce86b0299578016e93","slug":"testing-real-preparedness-in-a-simulated-disaster-chamba-news-c-88-1-cmb1003-186835-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: काल्पनिक आपदा में असली तैयारी का इम्तिहान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: काल्पनिक आपदा में असली तैयारी का इम्तिहान
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:06 PM IST
विज्ञापन
चंबा के भरमौर में आपदा संबंधी मॉक ड्रिल के दौरान कर्मचारी और युवा।संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंबा में राज्य स्तरीय मेगा आपदा मॉक ड्रिल, भूकंप, भूस्खलन और दुर्घटना के दृश्य किए निर्मित
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सक्रिय कर विभागों और एजेंसियों ने शुरू किया राहत एवं बचाव कार्य
--
सुबह की सामान्य रफ्तार अचानक एक ऐसे काल्पनिक झटके में बदल गई। धरती नहीं हिली थी लेकिन चंबा का पूरा आपदा तंत्र हरकत में आ गया था। 8.0 तीव्रता के कृत्रिम भूकंप के साथ रचे गए भूस्खलन, सड़क दुर्घटनाओं और तबाही के दृश्यों ने एक पल को ऐसा एहसास कराया जैसे पहाड़ों ने सच में अपनी स्थिरता खो दी हो। इसी बीच शुरू हुई वह असली परीक्षा जिसमें यह परखा जाना था कि संकट वास्तविक हो तो प्रतिक्रिया कितनी वास्तविक और तेज हो सकती है।
-- -- -- -- -- -
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : सोमवार। समय : सुबह 9 बजे। रिक्टर पैमाने पर 8.0 तीव्रता के भूकंप की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। भूकंप के चलते विभिन्न क्षेत्रों में भवनों के क्षतिग्रस्त होने, भूस्खलन, बादल फटने और बस दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों के परिदृश्य निर्मित किए गए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सक्रिय करते हुए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। जिला विकास कार्यालय चंबा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मैहला, चंबा-जोत मार्ग पर मंगला के समीप भूस्खलन स्थल, चंबा-तीसा मार्ग पर गत्ति घार के निकट भूस्खलन और बस दुर्घटना स्थल, बैरागढ़, सलूणी बाजार और पांगी क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर आपदा प्रबंधन संबंधी गतिविधियों का सफल संचालन किया गया।
--
मॉक डि्रल... 23 मृतक, 46 घायल और 130 से ज्यादा लोग सुरक्षित बचाए
मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, होमगार्ड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल पथ परिवहन निगम, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य सहयोगी एजेंसियों ने सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। विभिन्न स्थलों पर 23 मृतकों, 46 घायलों और 130 से अधिक लोगों के सुरक्षित बचाव का काल्पनिक परिदृश्य तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, चंबा में अस्पताल की क्षमता 50 बिस्तरों से बढ़ाकर 100 बिस्तरों तक विस्तारित की गई। घायलों को प्राथमिक उपचार सहित आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और खोज एवं बचाव अभियान का सफल संचालन किया गया।
विज्ञापन
--
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सक्रिय कर विभागों और एजेंसियों ने शुरू किया राहत एवं बचाव कार्य
सुबह की सामान्य रफ्तार अचानक एक ऐसे काल्पनिक झटके में बदल गई। धरती नहीं हिली थी लेकिन चंबा का पूरा आपदा तंत्र हरकत में आ गया था। 8.0 तीव्रता के कृत्रिम भूकंप के साथ रचे गए भूस्खलन, सड़क दुर्घटनाओं और तबाही के दृश्यों ने एक पल को ऐसा एहसास कराया जैसे पहाड़ों ने सच में अपनी स्थिरता खो दी हो। इसी बीच शुरू हुई वह असली परीक्षा जिसमें यह परखा जाना था कि संकट वास्तविक हो तो प्रतिक्रिया कितनी वास्तविक और तेज हो सकती है।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : सोमवार। समय : सुबह 9 बजे। रिक्टर पैमाने पर 8.0 तीव्रता के भूकंप की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। भूकंप के चलते विभिन्न क्षेत्रों में भवनों के क्षतिग्रस्त होने, भूस्खलन, बादल फटने और बस दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों के परिदृश्य निर्मित किए गए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सक्रिय करते हुए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। जिला विकास कार्यालय चंबा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मैहला, चंबा-जोत मार्ग पर मंगला के समीप भूस्खलन स्थल, चंबा-तीसा मार्ग पर गत्ति घार के निकट भूस्खलन और बस दुर्घटना स्थल, बैरागढ़, सलूणी बाजार और पांगी क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर आपदा प्रबंधन संबंधी गतिविधियों का सफल संचालन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मॉक डि्रल... 23 मृतक, 46 घायल और 130 से ज्यादा लोग सुरक्षित बचाए
मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, होमगार्ड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल पथ परिवहन निगम, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य सहयोगी एजेंसियों ने सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। विभिन्न स्थलों पर 23 मृतकों, 46 घायलों और 130 से अधिक लोगों के सुरक्षित बचाव का काल्पनिक परिदृश्य तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, चंबा में अस्पताल की क्षमता 50 बिस्तरों से बढ़ाकर 100 बिस्तरों तक विस्तारित की गई। घायलों को प्राथमिक उपचार सहित आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और खोज एवं बचाव अभियान का सफल संचालन किया गया।