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Hamirpur (Himachal) News: कूड़े के 25 साल पुराने ढेर से मिलेगा छुटकारा, डंपिंग साइट पर होगी कैपिंग
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 20 Jan 2026 05:36 AM IST
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डंपिंग साइट दगनेहड़ी में कूड़े के निष्पादन में जुटी मशीनरी। -स्रोत : नगर निगम
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हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर ने दगनेहड़ी स्थित डंपिंग साइट पर पिछले 25 वर्षों से जमा कूड़े के ढेरों को हटाने के बाद अब अंतिम चरण का काम शुरू कर दिया है। पिछले तीन महीनों में करीब 45 हजार मीट्रिक टन कचरे का निपटान करने के बाद अब निगम यहां बचे हुए अवशेषों की कैपिंग (सुरक्षात्मक परत बिछाना) करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कूड़े से होने वाले प्रदूषण और बीमारियों से स्थानीय लोगों को बचाना है।
कैपिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शेष बचे कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से ढक दिया जाता है। इससे कचरा न तो हवा में उड़ता है और न ही बारिश के पानी के साथ मिलकर जमीन के अंदर जल स्रोतों को दूषित करता है। अधिकारियों के मुताबिक एनजीटी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों के तहत अगले 10 दिनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
निगम अब डंपिंग साइट की खाली हुई जगह को सुंदर बनाने की तैयारी में है। इसके लिए एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। योजना के अनुसार डंपिंग साइट पर आधुनिक मशीनें लगाने के साथ-साथ खाली भूमि पर पौधे और फूल लगाए जाएंगे, ताकि इस क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह शुद्ध हो सके।
भले ही निगम अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दगनेहड़ी की निवासी रीता शास्त्री का कहना है कि मौके पर अभी भी कूड़े के ढेर मौजूद हैं, जिनसे जहरीला धुआं निकलता रहता है। बता दें कि यह मामला अदालत में पहुंचने के बाद ही निगम ने तीन महीने के भीतर इस साइट को साफ करने का आश्वासन दिया था।
डंपिंग साइट से 45 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है। अब केवल टीन शैड के नीचे बचे कूड़े की कैपिंग की जाएगी। यह सब नियमों के अनुसार किया जा रहा है, ताकि जनता को कोई दिक्कत न हो। -राम प्रसाद शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर
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कैपिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शेष बचे कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से ढक दिया जाता है। इससे कचरा न तो हवा में उड़ता है और न ही बारिश के पानी के साथ मिलकर जमीन के अंदर जल स्रोतों को दूषित करता है। अधिकारियों के मुताबिक एनजीटी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों के तहत अगले 10 दिनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
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निगम अब डंपिंग साइट की खाली हुई जगह को सुंदर बनाने की तैयारी में है। इसके लिए एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। योजना के अनुसार डंपिंग साइट पर आधुनिक मशीनें लगाने के साथ-साथ खाली भूमि पर पौधे और फूल लगाए जाएंगे, ताकि इस क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह शुद्ध हो सके।
भले ही निगम अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दगनेहड़ी की निवासी रीता शास्त्री का कहना है कि मौके पर अभी भी कूड़े के ढेर मौजूद हैं, जिनसे जहरीला धुआं निकलता रहता है। बता दें कि यह मामला अदालत में पहुंचने के बाद ही निगम ने तीन महीने के भीतर इस साइट को साफ करने का आश्वासन दिया था।
डंपिंग साइट से 45 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है। अब केवल टीन शैड के नीचे बचे कूड़े की कैपिंग की जाएगी। यह सब नियमों के अनुसार किया जा रहा है, ताकि जनता को कोई दिक्कत न हो। -राम प्रसाद शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर
