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जनता के मुद्दे उठाने पर परिवार को निशाना बनाया गया : आशीष
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:07 AM IST
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हमीरपुर। विधायक आशीष शर्मा ने विधानसभा में बजट पर कटौती प्रस्ताव की चर्चा के दौरान अपने क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा और हमीरपुर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि बजट में 3.3 प्रतिशत हिस्सा पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवंटित किया गया है, जो देश के अन्य राज्यों के मुकाबले बेहद कम है। इस बजट में बढ़ोतरी होनी चाहिए, ताकि सुरक्षा बल प्रदेश में मजबूत हो सके।
उन्होंने बताया कि वह पहले भी सदन में मेडिकल कॉलेज कैंपस के शिफ्ट होने में देरी, अधर में लटके युद्ध स्मारक निर्माण, खस्ताहाल सड़कों और पुल निर्माण में तेजी जैसे मुद्दे उठा चुके हैं, लेकिन इन जनहित के मुद्दों को उठाने के बाद उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक मामले में उनके भाई और चाचा की एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने पर कांग्रेस नेता जनता को गुमराह करने में लगे हैं। प्रदेश के सबसे शिक्षित जिला के विधायक और उसके परिवार को अपराधी के रूप में पेश करने का कांग्रेस के नेता प्रयास कर रहे हैं, तो उन्हें विधानसभा में इस विषय पर बोलने का पूरा अधिकार है, ताकि वह अपने क्षेत्र के सम्मान को बचा सके।
उन्होंने चेताया कि मुख्यमंत्री के जिले के पुलिस अधिकारी यह ध्यान में रखें कि उनके लिए रात ही नहीं रहेगी, बल्कि दिन भी आएगा। खनन मामले पर उन्होंने सरकार और अधिकारियों के तथ्यों में विरोधाभास का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार खनन नियमों पर अलग जानकारी दे रही है, जबकि पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट कुछ और ही दर्शा रही है।
वर्ष 2022-23 में स्टोन क्रशर से अधिक खनन दिखाए जाने के मामले में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा था तो विभाग ने पहले रॉयल्टी के लिए नोटिस क्यों नहीं जारी किया। शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी गई, जिसके आधार पर सदन में बयान दिया गया, जो बाद में गलत साबित हुआ।
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उन्होंने कहा कि बजट में 3.3 प्रतिशत हिस्सा पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवंटित किया गया है, जो देश के अन्य राज्यों के मुकाबले बेहद कम है। इस बजट में बढ़ोतरी होनी चाहिए, ताकि सुरक्षा बल प्रदेश में मजबूत हो सके।
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उन्होंने बताया कि वह पहले भी सदन में मेडिकल कॉलेज कैंपस के शिफ्ट होने में देरी, अधर में लटके युद्ध स्मारक निर्माण, खस्ताहाल सड़कों और पुल निर्माण में तेजी जैसे मुद्दे उठा चुके हैं, लेकिन इन जनहित के मुद्दों को उठाने के बाद उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक मामले में उनके भाई और चाचा की एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने पर कांग्रेस नेता जनता को गुमराह करने में लगे हैं। प्रदेश के सबसे शिक्षित जिला के विधायक और उसके परिवार को अपराधी के रूप में पेश करने का कांग्रेस के नेता प्रयास कर रहे हैं, तो उन्हें विधानसभा में इस विषय पर बोलने का पूरा अधिकार है, ताकि वह अपने क्षेत्र के सम्मान को बचा सके।
उन्होंने चेताया कि मुख्यमंत्री के जिले के पुलिस अधिकारी यह ध्यान में रखें कि उनके लिए रात ही नहीं रहेगी, बल्कि दिन भी आएगा। खनन मामले पर उन्होंने सरकार और अधिकारियों के तथ्यों में विरोधाभास का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार खनन नियमों पर अलग जानकारी दे रही है, जबकि पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट कुछ और ही दर्शा रही है।
वर्ष 2022-23 में स्टोन क्रशर से अधिक खनन दिखाए जाने के मामले में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा था तो विभाग ने पहले रॉयल्टी के लिए नोटिस क्यों नहीं जारी किया। शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी गई, जिसके आधार पर सदन में बयान दिया गया, जो बाद में गलत साबित हुआ।