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Hamirpur (Himachal) News: हमीरपुर में पेंशन फर्जीवाडे़ का खुलासा, 931 मृतकों के बैंक खातों में जारी होती रही राशि
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:17 PM IST
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नादाैन और हमीरपुर में सबसे ज्यादा मामले, 208 अन्य अपात्र लोग भ्ाी वर्षों से उठा रहे थे लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में बड़ा गोलमाल सामने आया है। हमीरपुर जिले में ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान खुलासा हुआ है कि 931 मृतकों के खाते में पेंशन जाती रही और 208 अपात्र लोग वर्षों से सरकारी पेंशन का लाभ उठाते रहे। कुल मिलाकर 1139 ऐसे नाम पेंशन सूची में दर्ज मिले, जो या तो इस दुनिया में ही नहीं थे या फिर योजना की पात्रता शर्तें पूरी नहीं करते।
हैरानी की बात यह है कि इन सभी के खातों में नियमित रूप से सरकारी पेंशन जाती रही। इस खुलासे ने न केवल निगरानी तंत्र की पोल खोल दी है, बल्कि पंचायत से लेकर बैंकिंग स्तर तक की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है।
जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत पंजीकृत करीब 53 हजार पेंशनधारकों में से अब तक 47,200 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इसी प्रक्रिया के दौरान यह बड़ा गड़बड़झाला सामने आया।
जांच में सामने आया कि 931 पेंशनधारकों का निधन पहले ही हो चुका था, लेकिन इसकी सूचना न तो विभाग को दी गई और न ही पंचायत या रिकॉर्ड स्तर पर अपडेट किया गया। वहीं 208 मामले ऐसे हैं, जिनमें लाभार्थी पात्रता की श्रेणी में ही नहीं आते थे, फिर भी पेंशन मिलती रही। सबसे अधिक मृतक पेंशनधारक नादौन और हमीरपुर क्षेत्रों से सामने आए हैं। अब विभाग ने बैंकों के माध्यम से गलत भुगतान की रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही अपात्र लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है।
हजारों की पेंशन अस्थायी रूप से रोकी
जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी अब तक नहीं हुई है, उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है। विभाग ने शेष पेंशनधारकों से जल्द सत्यापन कराने की अपील की है। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है जिसमें समय-समय पर सत्यापन किया जाता है। कहीं दफा सूचना विभाग अथवा बैंक को नहीं मिल पाती है जिससे पेंशन मृतक के बैंक खाते में भी डिपॉजिट हो जाती है।
कोट
बेशक पेंशन मृतक लोगों के खाते में डिपॉजिट हो गई है लेकिन इसे मृतक के परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से निकाला नहीं जा सकता है। विभाग संबंधित बैंक खातों से रिकवरी बैंक के माध्यम से कर रहा है। ई-केवाईसी के दौरान 1139 मृतक और अपात्र मामले सामने आए हैं। 208 अपात्र लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है, जबकि 931 मृतकों के खातों से पेंशन राशि की रिकवरी की जा रही है।
चमन लाल शर्मा, अधिकारी, न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हमीरपुर
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में बड़ा गोलमाल सामने आया है। हमीरपुर जिले में ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान खुलासा हुआ है कि 931 मृतकों के खाते में पेंशन जाती रही और 208 अपात्र लोग वर्षों से सरकारी पेंशन का लाभ उठाते रहे। कुल मिलाकर 1139 ऐसे नाम पेंशन सूची में दर्ज मिले, जो या तो इस दुनिया में ही नहीं थे या फिर योजना की पात्रता शर्तें पूरी नहीं करते।
हैरानी की बात यह है कि इन सभी के खातों में नियमित रूप से सरकारी पेंशन जाती रही। इस खुलासे ने न केवल निगरानी तंत्र की पोल खोल दी है, बल्कि पंचायत से लेकर बैंकिंग स्तर तक की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है।
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जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत पंजीकृत करीब 53 हजार पेंशनधारकों में से अब तक 47,200 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इसी प्रक्रिया के दौरान यह बड़ा गड़बड़झाला सामने आया।
जांच में सामने आया कि 931 पेंशनधारकों का निधन पहले ही हो चुका था, लेकिन इसकी सूचना न तो विभाग को दी गई और न ही पंचायत या रिकॉर्ड स्तर पर अपडेट किया गया। वहीं 208 मामले ऐसे हैं, जिनमें लाभार्थी पात्रता की श्रेणी में ही नहीं आते थे, फिर भी पेंशन मिलती रही। सबसे अधिक मृतक पेंशनधारक नादौन और हमीरपुर क्षेत्रों से सामने आए हैं। अब विभाग ने बैंकों के माध्यम से गलत भुगतान की रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही अपात्र लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है।
हजारों की पेंशन अस्थायी रूप से रोकी
जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी अब तक नहीं हुई है, उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है। विभाग ने शेष पेंशनधारकों से जल्द सत्यापन कराने की अपील की है। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है जिसमें समय-समय पर सत्यापन किया जाता है। कहीं दफा सूचना विभाग अथवा बैंक को नहीं मिल पाती है जिससे पेंशन मृतक के बैंक खाते में भी डिपॉजिट हो जाती है।
कोट
बेशक पेंशन मृतक लोगों के खाते में डिपॉजिट हो गई है लेकिन इसे मृतक के परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से निकाला नहीं जा सकता है। विभाग संबंधित बैंक खातों से रिकवरी बैंक के माध्यम से कर रहा है। ई-केवाईसी के दौरान 1139 मृतक और अपात्र मामले सामने आए हैं। 208 अपात्र लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है, जबकि 931 मृतकों के खातों से पेंशन राशि की रिकवरी की जा रही है।
चमन लाल शर्मा, अधिकारी, न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हमीरपुर
