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श्रीराम का बाल्य जीवन मर्यादा, संस्कार का उदाहरण : मुकेश
Wed, 22 Jul 2026 06:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:01 AM IST
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लदरौर (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के गांव पंजोत में आयोजित श्रीराम कथा में मंगलवार को कथा व्यास मुकेश शर्मा ने श्रीराम भगवान के बाल्य जीवन का प्रसंग सुनाया। कथा व्यास मुकेश शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम का बाल्य जीवन मर्यादा, संस्कार, विनम्रता और आदर्श आचरण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने बचपन से ही माता-पिता, गुरुजनों और समाज के प्रति सम्मान, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। उनके जीवन से प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। श्रीराम का चरित्र केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा भी है। यदि युवा पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए तो परिवार और समाज दोनों में नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी और सामाजिक समरसता का वातावरण बनेगा। संवाद
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