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Kangra News: रेल बहाली की मांग को लेकर गुलेर में प्रदर्शन, सात दिन का अल्टीमेटम

संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Thu, 12 Mar 2026 07:19 AM IST
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Demonstration in Guler demanding restoration of railway, seven day ultimatum
गुलेर में रेल रेल सेवाओं को बहाल करने के लिए प्रदर्शन करते लोग। -स्रोत: जागरूक पाठक
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गुलेर (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल मार्ग पर पिछले लंबे समय से बंद पड़ी रेल सेवाओं के विरोध में बुधवार को गुलेर रेलवे स्टेशन पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। स्थानीय निवासियों, प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने रेलवे विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि कांगड़ा घाटी की जीवनरेखा कही जाने वाली इस रेल सेवा के बंद होने से पूरा क्षेत्र विकास की दौड़ में पिछड़ गया है। व्यापार और पर्यटन को गहरा आघात प्रदर्शन में शामिल स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि रेल सेवा ठप होने से न केवल पर्यटन व्यवसाय चौपट हो गया है, बल्कि माल ढुलाई और आवागमन के सस्ते साधन के अभाव में स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी भारी चपत लग रही है।
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रेलवे को कड़ा संदेश देते हुए प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है। उन्होंने सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ट्रेनों का परिचालन सुचारू नहीं किया गया तो पूरे क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और रेलवे संपत्ति का घेराव करने जैसे उग्र कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।

पीएम मोदी को लिखा पत्र, हस्तक्षेप की मांग
बरियाल (कांगड़ा)। एलीट ग्रुप ऑफ हिमाचल प्रदेश के कन्वीनर पीसी विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रेल बहाली में व्यक्तिगत हस्तक्षेप का आग्रह किया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि रेल राज्य मंत्री स्थानीय दबाव के चलते ट्रेनों को पठानकोट के बजाय डल्हौजी रोड स्टेशन पर ही रोकने की योजना बना रहे हैं। विश्वकर्मा ने कहा कि ट्रेनों को पठानकोट जंक्शन तक न ले जाने से देश के अन्य हिस्सों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु) में जाने वाले सैनिकों और कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रेनों को रोकने के बजाय शहर के फाटकों पर अंडरपास या फ्लाईओवर बनाना सही समाधान होगा।
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