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प्री-प्राइमरी स्तर के बच्चों को आंगनबाड़ी से जोड़ने का प्रयास करें : बाल मुकुंद शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 12 Apr 2026 07:44 AM IST
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पंजाब खाद्य आयोग के अध्यक्ष और हिमाचल के अध्यक्ष ने आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण आहार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती पर प्रभावी रूप से विजय प्राप्त की जा सकती है। इस दिशा में विभागीय समन्वय अत्यंत आवश्यक है। ये विचार पंजाब खाद्य आयोग के अध्यक्ष बाल मुकुंद शर्मा और हिमाचल प्रदेश खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने टंग स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी सहयोग और बेहतर तालमेल के साथ कार्य करना होगा। तभी ‘मिशन भरपूर’ जैसे अभियानों को धरातल पर पूर्ण सफलता मिल सकेगी। ‘मिशन भरपूर 2.0’ का शुभारंभ 9 अप्रैल को सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी), पालमपुर के सभागार में किया गया। इस मिशन का उद्देश्य 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करना है।
दोनों अध्यक्षों ने जन-स्वास्थ्य, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही इस दिशा में सार्थक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। बाल मुकुंद शर्मा ने कांगड़ा प्रशासन के प्रयासों की सराहना की और पंजाब में भी इसी तर्ज पर कुपोषण उन्मूलन के लिए सीएसआईआर-आईएचबीटी से तकनीकी सहयोग लेने की इच्छा व्यक्त की।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्य की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि प्री-प्राइमरी स्तर के बच्चों को आंगनबाड़ी से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्थानीय विद्यालयों में मिड-डे मील एवं रसोईघर का निरीक्षण किया । विद्यालयों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने का सुझाव दिया। डॉ. एसपी कत्याल ने कहा कि पालमपुर में आयोजित कार्यशाला की तर्ज पर अन्य जिलों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि पोषण अभियान का लाभ जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा केंद्र सरकार से अनुशंसा की गई है कि विकलांग बच्चों और वृद्धजन को उनके घर द्वार पर राशन उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया जाए ।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, कांगड़ा अशोक शर्मा द्वारा विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई।
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धर्मशाला। महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण आहार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती पर प्रभावी रूप से विजय प्राप्त की जा सकती है। इस दिशा में विभागीय समन्वय अत्यंत आवश्यक है। ये विचार पंजाब खाद्य आयोग के अध्यक्ष बाल मुकुंद शर्मा और हिमाचल प्रदेश खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने टंग स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी सहयोग और बेहतर तालमेल के साथ कार्य करना होगा। तभी ‘मिशन भरपूर’ जैसे अभियानों को धरातल पर पूर्ण सफलता मिल सकेगी। ‘मिशन भरपूर 2.0’ का शुभारंभ 9 अप्रैल को सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी), पालमपुर के सभागार में किया गया। इस मिशन का उद्देश्य 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करना है।
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दोनों अध्यक्षों ने जन-स्वास्थ्य, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही इस दिशा में सार्थक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। बाल मुकुंद शर्मा ने कांगड़ा प्रशासन के प्रयासों की सराहना की और पंजाब में भी इसी तर्ज पर कुपोषण उन्मूलन के लिए सीएसआईआर-आईएचबीटी से तकनीकी सहयोग लेने की इच्छा व्यक्त की।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्य की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि प्री-प्राइमरी स्तर के बच्चों को आंगनबाड़ी से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्थानीय विद्यालयों में मिड-डे मील एवं रसोईघर का निरीक्षण किया । विद्यालयों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने का सुझाव दिया। डॉ. एसपी कत्याल ने कहा कि पालमपुर में आयोजित कार्यशाला की तर्ज पर अन्य जिलों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि पोषण अभियान का लाभ जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा केंद्र सरकार से अनुशंसा की गई है कि विकलांग बच्चों और वृद्धजन को उनके घर द्वार पर राशन उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया जाए ।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, कांगड़ा अशोक शर्मा द्वारा विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई।