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Kangra News: धौलाधार की चोटियों पर ताजा हिमपात, निचले इलाकों में बूंदाबांदी
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धर्मशाला की धौलाधार पहाड़ियों पर रविवार को हुआ हिमपात। -अमर उजाला
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में रविवार सुबह मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव ने पर्यटकों और आम जनमानस को धूप से राहत दी। आसमान में सुबह से ही काले बादलों का डेरा जमा रहा और तेज तूफान के साथ हुई हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है। धौलाधार की पहाड़ियों सहित त्रियूंड और आदि हिमानी चामुंडा मंदिर की चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ है।
रविवार को हुई हल्की बूंदाबांदी से मौसम तो सुहावना हो गया, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए यह वर्षा नाकाफी साबित हुई। धर्मशाला शहर में कुछ देर के लिए तेज बौछारें जरूर पड़ीं, लेकिन जिले के अधिकांश मैदानी और ग्रामीण इलाकों में केवल नाममात्र की बारिश हुई। इस समय गेहूं की फसल में दाना तैयार हो रहा है, जिसके लिए पर्याप्त नमी और बारिश की सख्त जरूरत है।
इसके अलावा फलदार पौधों विशेषकर आम और लीची पर इस समय बौर (फूल) आई हुई है। बागवानों का कहना है कि अगर जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की वृद्धि रुक जाएगी और पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है। पहाड़ियों पर बर्फबारी और हल्की बूंदाबांदी के बीच रविवार को धर्मशाला का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम के बदले स्वरूप के कारण लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
जल स्रोतों के लिए संजीवनी बनेगा हिमपात
एक तरफ जहां किसान मायूस हैं, वहीं जल शक्ति विभाग के लिए यह बर्फबारी राहत वाली है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण जिले की अधिकांश पेयजल योजनाओं के प्राकृतिक जल स्तर में भारी गिरावट आ गई थी। जल शक्ति विभाग (नॉर्थ जोन) के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग का कहना है कि धौलाधार की पहाड़ियों पर हुआ ताजा हिमपात हमारी पेयजल योजनाओं के लिए संजीवनी का कार्य करेगा। सूखे की स्थिति के कारण जल स्तर काफी नीचे चला गया था, लेकिन अब इस हिमपात से आने वाले दिनों में राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
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रविवार को हुई हल्की बूंदाबांदी से मौसम तो सुहावना हो गया, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए यह वर्षा नाकाफी साबित हुई। धर्मशाला शहर में कुछ देर के लिए तेज बौछारें जरूर पड़ीं, लेकिन जिले के अधिकांश मैदानी और ग्रामीण इलाकों में केवल नाममात्र की बारिश हुई। इस समय गेहूं की फसल में दाना तैयार हो रहा है, जिसके लिए पर्याप्त नमी और बारिश की सख्त जरूरत है।
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इसके अलावा फलदार पौधों विशेषकर आम और लीची पर इस समय बौर (फूल) आई हुई है। बागवानों का कहना है कि अगर जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की वृद्धि रुक जाएगी और पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है। पहाड़ियों पर बर्फबारी और हल्की बूंदाबांदी के बीच रविवार को धर्मशाला का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम के बदले स्वरूप के कारण लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
जल स्रोतों के लिए संजीवनी बनेगा हिमपात
एक तरफ जहां किसान मायूस हैं, वहीं जल शक्ति विभाग के लिए यह बर्फबारी राहत वाली है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण जिले की अधिकांश पेयजल योजनाओं के प्राकृतिक जल स्तर में भारी गिरावट आ गई थी। जल शक्ति विभाग (नॉर्थ जोन) के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग का कहना है कि धौलाधार की पहाड़ियों पर हुआ ताजा हिमपात हमारी पेयजल योजनाओं के लिए संजीवनी का कार्य करेगा। सूखे की स्थिति के कारण जल स्तर काफी नीचे चला गया था, लेकिन अब इस हिमपात से आने वाले दिनों में राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।