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Kangra News: चंद्रधर गुलेरी कॉलेज को बचाने के लिए एकजुट हुए ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 18 Mar 2026 07:36 AM IST
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कॉलेज में रिक्त पदों और बदहाली के खिलाफ मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
शिक्षकों की कमी से कॉलेज में 33 तक सिमटी विद्यार्थियों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गुलेर (कांगड़ा)। चंद्रधर शर्मा गुलेरी राजकीय महाविद्यालय हरिपुर गुलेर के अस्तित्व पर संकट को देखते हुए स्थानीय जनता एकजुट हो गई है। कॉलेज को बंद करने की चर्चाओं और वर्षों से रिक्त अध्यापकों पदों से गुस्साए हरिपुर और आसपास के लगभग 110 लोगों, संघर्ष समिति ने मंगलवार को तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इस ऐतिहासिक संस्थान को बंद करना न केवल क्षेत्र के साथ अन्याय होगा, बल्कि यह महान साहित्यकार गुलेरी का भी अपमान है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश धीमान, व्यापार मंडल प्रधान अतुल महाजन, सीनियर सिटीजन प्रकोष्ठ विजेंद्र गुलेरिया सहित गोपाल कृष्ण, राजेश कुमार, बेजू सोनी, यशपाल, सुशील कुमार, प्रिंस भाटिया, संदीप शर्मा, जोगिंदर कुमार, शिवेन्द्र सिंह, शिव कुमार, चंदन चमोत्रा, राहुल चौधरी ने बताया कि हरिपुर वासियों ने इस कॉलेज के लिए लंबा संघर्ष किया है, लेकिन वर्तमान में स्टाफ की कमी ने इसकी नींव हिला दी है। आंकड़ों के अनुसार, कॉलेज में शिक्षकों के कुल 18 स्वीकृत पदों में से 11 रिक्त हैं। कला संकाय में संस्कृत, हिंदी, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, संगीत और दर्शनशास्त्र जैसे विषयों के लिए कोई शिक्षक नहीं है। विज्ञान संकाय की स्थिति और भी गंभीर है जहां रसायन, वनस्पति और जीव विज्ञान के पद खाली होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई ठप है।
गैर शिक्षण श्रेणी में भी 25 स्वीकृत पदों में से 14 खाली हैं, जिनमें पुस्तकालयाध्यक्ष, अधीक्षक और प्रयोगशाला परिचर जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। एक समय यहां 500 के करीब विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते थे, वहीं सत्र 2025-26 में यह संख्या सिमटकर मात्र 33 रह गई है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों की संख्या घटने का मुख्य कारण शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ के पदों का रिक्त होना है।
संघर्ष समिति ने मांग की है कि कॉलेज को बंद करने के बजाय यहां तुरंत स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए, ताकि यह संस्थान प्रदेश के अन्य बेहतरीन कॉलेजों की तरह अपनी पहचान बना सके।
कोट्स..
- ग्रामीणों ने कॉलेज में रिक्त शिक्षकों के पदों और गिरती छात्र संख्या को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। इस ज्ञापन को प्राथमिकता के आधार पर उचित माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री प्रेषित किया जा रहा है।
- सुरेश कुमार, तहसीलदार हरिपुर
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शिक्षकों की कमी से कॉलेज में 33 तक सिमटी विद्यार्थियों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गुलेर (कांगड़ा)। चंद्रधर शर्मा गुलेरी राजकीय महाविद्यालय हरिपुर गुलेर के अस्तित्व पर संकट को देखते हुए स्थानीय जनता एकजुट हो गई है। कॉलेज को बंद करने की चर्चाओं और वर्षों से रिक्त अध्यापकों पदों से गुस्साए हरिपुर और आसपास के लगभग 110 लोगों, संघर्ष समिति ने मंगलवार को तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इस ऐतिहासिक संस्थान को बंद करना न केवल क्षेत्र के साथ अन्याय होगा, बल्कि यह महान साहित्यकार गुलेरी का भी अपमान है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश धीमान, व्यापार मंडल प्रधान अतुल महाजन, सीनियर सिटीजन प्रकोष्ठ विजेंद्र गुलेरिया सहित गोपाल कृष्ण, राजेश कुमार, बेजू सोनी, यशपाल, सुशील कुमार, प्रिंस भाटिया, संदीप शर्मा, जोगिंदर कुमार, शिवेन्द्र सिंह, शिव कुमार, चंदन चमोत्रा, राहुल चौधरी ने बताया कि हरिपुर वासियों ने इस कॉलेज के लिए लंबा संघर्ष किया है, लेकिन वर्तमान में स्टाफ की कमी ने इसकी नींव हिला दी है। आंकड़ों के अनुसार, कॉलेज में शिक्षकों के कुल 18 स्वीकृत पदों में से 11 रिक्त हैं। कला संकाय में संस्कृत, हिंदी, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, संगीत और दर्शनशास्त्र जैसे विषयों के लिए कोई शिक्षक नहीं है। विज्ञान संकाय की स्थिति और भी गंभीर है जहां रसायन, वनस्पति और जीव विज्ञान के पद खाली होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई ठप है।
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गैर शिक्षण श्रेणी में भी 25 स्वीकृत पदों में से 14 खाली हैं, जिनमें पुस्तकालयाध्यक्ष, अधीक्षक और प्रयोगशाला परिचर जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। एक समय यहां 500 के करीब विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते थे, वहीं सत्र 2025-26 में यह संख्या सिमटकर मात्र 33 रह गई है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों की संख्या घटने का मुख्य कारण शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ के पदों का रिक्त होना है।
संघर्ष समिति ने मांग की है कि कॉलेज को बंद करने के बजाय यहां तुरंत स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए, ताकि यह संस्थान प्रदेश के अन्य बेहतरीन कॉलेजों की तरह अपनी पहचान बना सके।
कोट्स..
- ग्रामीणों ने कॉलेज में रिक्त शिक्षकों के पदों और गिरती छात्र संख्या को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। इस ज्ञापन को प्राथमिकता के आधार पर उचित माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री प्रेषित किया जा रहा है।
- सुरेश कुमार, तहसीलदार हरिपुर