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Kangra News: बागवानों की सब्सिडी अटकी, नए वित्तीय वर्ष से जगी उम्मीद
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बजट के अभाव में 8.5 करोड़ रुपये लंबित, योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ जिला कांगड़ा के बागवानों में लंबित सब्सिडी मिलने की उम्मीद फिर से जाग उठी है। किसानों को आशा है कि बजट जारी होते ही उनकी रुकी हुई अनुदान राशि उन्हें मिल सकेगी। फिलहाल बजट के अभाव में करोड़ों रुपये की सब्सिडी अटकी हुई है, जिससे बागवानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों ने पौधरोपण, ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस निर्माण और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के लिए आवेदन किए थे। कई मामलों में काम पूरा होने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। पिछले वित्तीय वर्ष में बजट की कमी के कारण बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा नहीं हो सका, जो अब नए वित्तीय वर्ष में भी लंबित हैं।
सरकार की ओर से उद्यान विभाग की योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान न होने के कारण किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सब्सिडी जारी न होने से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और वे नए कार्य शुरू करने में भी असमर्थ हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की सब्सिडी लंबित है। कई किसानों ने पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई और फलदार पौधारोपण जैसी योजनाओं में निवेश किया, लेकिन समय पर सब्सिडी न मिलने से उन्हें बैंक ऋण की किस्तें चुकाने में कठिनाई हो रही है।
विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित राशि में मुख्यमंत्री मधु योजना के लगभग 1.5 करोड़ रुपये, ओला अवरोधक जाली के 3.22 लाख रुपये, कीवी योजना के 8.65 लाख रुपये, पुष्पक्रांति योजना के करीब 3 करोड़ रुपये और पावर टिलर योजना के 3.94 करोड़ रुपये शामिल हैं।
कोट्स...
- प्रदेश सरकार की ओर से अब नए वित्तीय वर्ष में विभिन्न योजनाओं के तहत बजट जारी किया जाएगा। जैसे की विभाग के पास बजट आ जाएगा तो प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों-बागवानों को सब्सिजी दे दी जाएगी। - डॉ. अलक्ष पठानिया, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा
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धर्मशाला। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ जिला कांगड़ा के बागवानों में लंबित सब्सिडी मिलने की उम्मीद फिर से जाग उठी है। किसानों को आशा है कि बजट जारी होते ही उनकी रुकी हुई अनुदान राशि उन्हें मिल सकेगी। फिलहाल बजट के अभाव में करोड़ों रुपये की सब्सिडी अटकी हुई है, जिससे बागवानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों ने पौधरोपण, ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस निर्माण और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के लिए आवेदन किए थे। कई मामलों में काम पूरा होने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। पिछले वित्तीय वर्ष में बजट की कमी के कारण बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा नहीं हो सका, जो अब नए वित्तीय वर्ष में भी लंबित हैं।
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सरकार की ओर से उद्यान विभाग की योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान न होने के कारण किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सब्सिडी जारी न होने से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और वे नए कार्य शुरू करने में भी असमर्थ हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की सब्सिडी लंबित है। कई किसानों ने पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई और फलदार पौधारोपण जैसी योजनाओं में निवेश किया, लेकिन समय पर सब्सिडी न मिलने से उन्हें बैंक ऋण की किस्तें चुकाने में कठिनाई हो रही है।
विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित राशि में मुख्यमंत्री मधु योजना के लगभग 1.5 करोड़ रुपये, ओला अवरोधक जाली के 3.22 लाख रुपये, कीवी योजना के 8.65 लाख रुपये, पुष्पक्रांति योजना के करीब 3 करोड़ रुपये और पावर टिलर योजना के 3.94 करोड़ रुपये शामिल हैं।
कोट्स...
- प्रदेश सरकार की ओर से अब नए वित्तीय वर्ष में विभिन्न योजनाओं के तहत बजट जारी किया जाएगा। जैसे की विभाग के पास बजट आ जाएगा तो प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों-बागवानों को सब्सिजी दे दी जाएगी। - डॉ. अलक्ष पठानिया, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा