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Kangra News: आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू की घोषणा पर शांता बोले, गरीबी-यह सोच बेरोजगारी बढ़ाने वाली
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 18 May 2026 07:10 PM IST
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सीएम चंद्रबाबू नायडू और शांता कुमार। फाइल फोटो
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पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने देश में बढ़ती आर्थिक विषमता और जनसंख्या विस्फोट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के चलते हर क्षेत्र में बचत का आह्वान किया है, जिससे तेल और गैस संकट से निपटने में मदद मिलेगी।
भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, लेकिन इसके विपरीत जनसंख्या विस्फोट के कारण दुनिया के सबसे अधिक भूखे और गरीब लोग भी यहीं रहते हैं। विकास के साथ बढ़ती यह आर्थिक विषमता दुर्भाग्यपूर्ण है, जहां एक तरफ अमीरी चमक रही है और दूसरी तरफ गरीबी सिसक रही है।
शांता कुमार ने कहा कि देश की ऐसी परिस्थितियों के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा तीसरा बच्चा होने पर 30 हजार और चौथा बच्चा होने पर 40 हजार रुपये देने की घोषणा ने पूरे देश को हैरान और परेशान कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत यह है कि पीएम मोदी का बचत अभियान बढ़ती जनसंख्या पर भी लागू हो और कानून के जरिए इस पर रोक लगाई जाए। 1947 में जिस भारत की आबादी महज 35 करोड़ थी, वह आज 145 करोड़ पार कर चुकी है।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों को डर है कि उत्तर भारत के मुकाबले उनकी जनसंख्या कम होने से लोकसभा की सीटें घट जाएंगी। इसी राजनीतिक गणित के चलते कुछ मुख्यमंत्री आबादी बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि महज एक या दो लोकसभा सीटों के फायदे के लिए पूरे देश को गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी के दलदल में धकेलकर जनसंख्या विस्फोट करने की बात सोचना बेहद चिंताजनक है।
भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, लेकिन इसके विपरीत जनसंख्या विस्फोट के कारण दुनिया के सबसे अधिक भूखे और गरीब लोग भी यहीं रहते हैं। विकास के साथ बढ़ती यह आर्थिक विषमता दुर्भाग्यपूर्ण है, जहां एक तरफ अमीरी चमक रही है और दूसरी तरफ गरीबी सिसक रही है।
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शांता कुमार ने कहा कि देश की ऐसी परिस्थितियों के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा तीसरा बच्चा होने पर 30 हजार और चौथा बच्चा होने पर 40 हजार रुपये देने की घोषणा ने पूरे देश को हैरान और परेशान कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत यह है कि पीएम मोदी का बचत अभियान बढ़ती जनसंख्या पर भी लागू हो और कानून के जरिए इस पर रोक लगाई जाए। 1947 में जिस भारत की आबादी महज 35 करोड़ थी, वह आज 145 करोड़ पार कर चुकी है।
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