{"_id":"697a5409d610a694b60d009c","slug":"people-are-upset-because-the-sdm-office-has-not-been-restored-kangra-news-c-95-1-kng1037-217897-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: एसडीएम कार्यालय बहाल न होने से लोग खफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: एसडीएम कार्यालय बहाल न होने से लोग खफा
विज्ञापन
विज्ञापन
रक्कड़ (कांगड़ा)। रक्कड़ में बंद किए गए एसडीएम कार्यालय को बहाल न करने पर बुधवार को रक्कड़ संघर्ष समिति ने अधिवक्ता अरविंद प्रभाकर के नेतृत्व में तहसीलदार रक्कड़ अनुजा शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। 25 जनवरी को पूर्ण राज्यत्व दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आगमन से रक्कड़ के लोगों को बंद किए गए एसडीएम कार्यालय को बहाल करने की आस थी, लेकिन लोगों को मायूसी ही हाथ लगी।
संघर्ष समिति के अनुसार रक्कड़ तहसील में कुल 16 पंचायतें शामिल हैं और क्षेत्र की सबसे पुरानी तहसीलों में से एक है। यह तहसील वर्ष 1982 में उप तहसील और वर्ष 2007 में पूर्ण तहसील घोषित की गई थी। इसके एक ओर हमीरपुर तो दूसरी ओर ऊना जिला स्थित है। इस तहसील के तहत आने वाले गांव दूर-दूर तक फैले हुए हैं, जिसके कारण लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। रक्कड़ में पहले से ही तहसील कार्यालय, पुलिस थाना, कोषागार (ट्रेजरी), कल्याण कार्यालय, डिग्री कॉलेज और सीएचसी सहित अन्य सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह स्थान एक पूर्ण प्रशासनिक इकाई के रूप में उपयुक्त है।
पूर्व की भाजपा सरकार ने जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत दो एसडीएम कार्यालय-एक रक्कड़ और दूसरा कोटला बेहड़ में खोले थे, जिन्हें वर्तमान कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया। रक्कड़ संघर्ष समिति ने निवेदन किया है कि रक्कड़ की भौगोलिक स्थिति, पंचायतों की संख्या, उपलब्ध प्रशासनिक ढांचा, राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होना तथा जनहित से जुड़े अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए रक्कड़ तहसील में दोबारा एसडीएम कार्यालय खोला जाए। यह निर्णय क्षेत्र की जनता को न्याय दिलाने की दिशा में एक आवश्यक और दूरदर्शी कदम होगा।
Trending Videos
संघर्ष समिति के अनुसार रक्कड़ तहसील में कुल 16 पंचायतें शामिल हैं और क्षेत्र की सबसे पुरानी तहसीलों में से एक है। यह तहसील वर्ष 1982 में उप तहसील और वर्ष 2007 में पूर्ण तहसील घोषित की गई थी। इसके एक ओर हमीरपुर तो दूसरी ओर ऊना जिला स्थित है। इस तहसील के तहत आने वाले गांव दूर-दूर तक फैले हुए हैं, जिसके कारण लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। रक्कड़ में पहले से ही तहसील कार्यालय, पुलिस थाना, कोषागार (ट्रेजरी), कल्याण कार्यालय, डिग्री कॉलेज और सीएचसी सहित अन्य सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह स्थान एक पूर्ण प्रशासनिक इकाई के रूप में उपयुक्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व की भाजपा सरकार ने जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत दो एसडीएम कार्यालय-एक रक्कड़ और दूसरा कोटला बेहड़ में खोले थे, जिन्हें वर्तमान कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया। रक्कड़ संघर्ष समिति ने निवेदन किया है कि रक्कड़ की भौगोलिक स्थिति, पंचायतों की संख्या, उपलब्ध प्रशासनिक ढांचा, राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होना तथा जनहित से जुड़े अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए रक्कड़ तहसील में दोबारा एसडीएम कार्यालय खोला जाए। यह निर्णय क्षेत्र की जनता को न्याय दिलाने की दिशा में एक आवश्यक और दूरदर्शी कदम होगा।