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Kangra News: मंदल स्कूल का मुख्य रास्ता बना नाला
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धर्मशाला के विस के मंदल में प्राईमरी स्कूल जाने वाले रास्ते पर बहता बारिश का पानी। स्रोत: जागरू
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धर्मशाला। बारिश की पहली फुहार जहां राहत लाती है, वहीं राजकीय प्राथमिक स्कूल मंदल के नन्हें विद्यार्थियों के लिए यह किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। स्कूल जाने वाला मुख्य रास्ता जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण नाले में तब्दील हो चुका है। इससे घुटनों तक आने वाले पानी में सफर कर मासूम बच्चे स्कूल जाने को विवश हो रहे हैं।
राजकीय प्राथमिक स्कूल मंदल में नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के लगभग 48 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हल्की सी बारिश होते ही स्कूल का मुख्य मार्ग पानी से लबालब भर जाता है। आलम यह है कि बच्चों को अपनी यूनिफॉर्म बचाते हुए और बस्ते कंधे पर लादकर, नंगे पैर या जूते हाथों में लेकर घुटनों तक गहरे पानी के बीच से रास्ता पार करना पड़ रहा है।
सड़क पर नाले का पानी बहने से न केवल गंदगी फैल रही है, बल्कि तेज बहाव और फिसलन के कारण मासूमों के साथ किसी भी अप्रिय हादसे का डर बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि हर मानसून और बारिश के मौसम में यही कहानी दोहराई जाती है। रास्ते के किनारे बनाई गई छोटी सी नाली पूरी तरह नाकाफी सिद्ध हो रही है, जिसके चलते पानी सड़क पर फैल जाता है।
उन्होंने कहा कि हल्की बारिश में भी रास्ता बंद जैसा हो जाता है। हमारे बच्चे जोखिम उठाकर स्कूल जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि संबंधित पंचायत और प्रशासन नन्हें विद्यार्थियों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए जल निकासी की उचित व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करे। जब तक रास्ते का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे।
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राजकीय प्राथमिक स्कूल मंदल में नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के लगभग 48 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हल्की सी बारिश होते ही स्कूल का मुख्य मार्ग पानी से लबालब भर जाता है। आलम यह है कि बच्चों को अपनी यूनिफॉर्म बचाते हुए और बस्ते कंधे पर लादकर, नंगे पैर या जूते हाथों में लेकर घुटनों तक गहरे पानी के बीच से रास्ता पार करना पड़ रहा है।
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सड़क पर नाले का पानी बहने से न केवल गंदगी फैल रही है, बल्कि तेज बहाव और फिसलन के कारण मासूमों के साथ किसी भी अप्रिय हादसे का डर बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि हर मानसून और बारिश के मौसम में यही कहानी दोहराई जाती है। रास्ते के किनारे बनाई गई छोटी सी नाली पूरी तरह नाकाफी सिद्ध हो रही है, जिसके चलते पानी सड़क पर फैल जाता है।
उन्होंने कहा कि हल्की बारिश में भी रास्ता बंद जैसा हो जाता है। हमारे बच्चे जोखिम उठाकर स्कूल जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि संबंधित पंचायत और प्रशासन नन्हें विद्यार्थियों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए जल निकासी की उचित व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करे। जब तक रास्ते का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे।