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कांगड़ा जोन में लगेंगे साढ़े तीन लाख स्मार्ट मीटर : अमन
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कांगड़ा। विद्युत सर्किल के सात जोनों में शामिल शाहपुर, कांगड़ा, धर्मशाला, नगरोटा, पालमपुर, लंबागांव और बैजनाथ के लगभग तीन लाख साठ हजार उपभोक्ताओं को डिजिटल मीटर से जोड़ा जाएगा। इन मीटरों से सारा डाटा बिजली बोर्ड के पास उपलब्ध रहेगा। उपभोक्ताओं को बिजली बिल सीधे उनके मोबाइल पर प्राप्त होंगे। बुधवार को कांगड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता अमन कुमार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड कांगड़ा सर्किल में घरेलू, व्यापारिक और सरकारी संस्थानों स्मार्ट मीटर लगाने जा रहा है। बोर्ड को मिले 30 हजार डिजिटल मीटरों में से अभी तक कांगड़ा सर्किल में 15,300 मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्री पेड मीटर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। बोर्ड डिजिटल मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में पनप रही भ्रांतियों को सुलझा रहा है।
डिजिटल मीटर से उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं होगा। उल्टा इससे बिजली के लोड की सही जानकारी और बिजली चोरी पर अंकुश लग सकेगा। लोगों में यह भ्रम है कि डिजिटल मीटर लगने के बाद बिजली बिल ज्यादा आएगा, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए बोर्ड की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं। बिजली बोर्ड की कांगड़ा सर्किल की कुल बकाया राशि 28 करोड़ रुपये है। इसमें सरकारी विभागों पर 5.27 करोड़ रुपये बकाया है। यहां तक की अकेले जल शक्ति विभाग पर ही 18.34 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों पर 4.53 करोड़ रुपये लंबित हैं और यह रिकवरी जल्द की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड कांगड़ा सर्किल में घरेलू, व्यापारिक और सरकारी संस्थानों स्मार्ट मीटर लगाने जा रहा है। बोर्ड को मिले 30 हजार डिजिटल मीटरों में से अभी तक कांगड़ा सर्किल में 15,300 मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्री पेड मीटर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। बोर्ड डिजिटल मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में पनप रही भ्रांतियों को सुलझा रहा है।
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डिजिटल मीटर से उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं होगा। उल्टा इससे बिजली के लोड की सही जानकारी और बिजली चोरी पर अंकुश लग सकेगा। लोगों में यह भ्रम है कि डिजिटल मीटर लगने के बाद बिजली बिल ज्यादा आएगा, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए बोर्ड की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं। बिजली बोर्ड की कांगड़ा सर्किल की कुल बकाया राशि 28 करोड़ रुपये है। इसमें सरकारी विभागों पर 5.27 करोड़ रुपये बकाया है। यहां तक की अकेले जल शक्ति विभाग पर ही 18.34 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों पर 4.53 करोड़ रुपये लंबित हैं और यह रिकवरी जल्द की जाएगी।