{"_id":"697b94360b3909fb27040388","slug":"falling-debris-from-the-hill-in-ghatigarh-has-become-a-problem-kullu-news-c-89-1-klu1002-167677-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: घटीगढ़ में पहाड़ी से गिर रहा मलबा बना मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: घटीगढ़ में पहाड़ी से गिर रहा मलबा बना मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 29 Jan 2026 10:39 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जान जोखिम में डालकर सड़क के आर-पार हो रहे सैलानी और क्षेत्र के लोग
आपदा से लेकर अब तक जिला प्रशासन नहीं उठा पाया सुरक्षा के लिए कदम
पहले भी पहाड़ी से गिर चुके हैं दो पर्यटक, मलबे की चपेट आ चुका है वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर घटीगढ़ के पास पहाड़ी से गिर रहा मलबा लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। छह महीनों से यह स्थान घाटी के लोगों के साथ पर्यटकों के लिए जोखिम बना हुआ है।
हाल ही में हुई बारिश के बाद पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का क्रम शुरू हो गया है। इस कारण सड़क पर मलबे और पत्थर के ढेर लग रहे हैं। आने-जाने वाले लोगों पर पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। छह महीने पहले भारी बरसात के दौरान भी पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हुआ था। लोगों को पहाड़ी से होकर इस स्थान को आर-पार करने को मजबूर होना पड़ा था। इस दौरान दो पर्यटक भी पहाड़ी से गिर गए थे। ऐसे में क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की थी कि यहां सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। न तो पहाड़ी से भूस्खलन को रोकने के लिए कोई प्रयास किए गए और न ही लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि लोग जान जोखिम में डालकर आर-पार हो रहे हैं। आलम यह है कि तीन दिन से घाटी के लोग और पर्यटक पहाड़ी से गिर रहे पत्थर और मलबे के बीच आर-पार हो रहे हैं। वीरवार को भी कुछ पर्यटक बाल-बाल बचे। एक पर्यटक काफी देर तक दलदल में फंसा रहा। इस दौरान भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा।
--
गाड़ी पर भी गिर चुका है मलबा
आपदा के दौरान पहाड़ी से एक वाहन पर मलबा भी गिर चुका है। इसे कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया था। लोगों का कहना है कि विभाग सिर्फ जेसीबी लेकर आता है और मलबा हटाकर चला जाता है। कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल रहा है।
-- मणिकर्ण से बरशैणी तक सड़क की हालत पहले से ही खराब है। अब घटीगढ़ में दरकती पहाड़ी जानलेवा बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन को इसके लिए मिलकर समाधान तलाशना चाहिए। लोग हर दिन जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। - ठाकुर चंद, मणिकर्ण
--
घटीगढ़ के पास दरक रही पहाड़ी का समाधान तलाशना जरूरी है। समय रहते विभाग को इसका विकल्प तलाशना चाहिए। घाटी के लोग भी प्रशासन से मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। पहाड़ी से गिर रहा मलबा और पत्थर लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। - लुदर चंद उप प्रधान बरशैणी पंचायत
--
Trending Videos
आपदा से लेकर अब तक जिला प्रशासन नहीं उठा पाया सुरक्षा के लिए कदम
पहले भी पहाड़ी से गिर चुके हैं दो पर्यटक, मलबे की चपेट आ चुका है वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर घटीगढ़ के पास पहाड़ी से गिर रहा मलबा लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। छह महीनों से यह स्थान घाटी के लोगों के साथ पर्यटकों के लिए जोखिम बना हुआ है।
हाल ही में हुई बारिश के बाद पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का क्रम शुरू हो गया है। इस कारण सड़क पर मलबे और पत्थर के ढेर लग रहे हैं। आने-जाने वाले लोगों पर पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। छह महीने पहले भारी बरसात के दौरान भी पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हुआ था। लोगों को पहाड़ी से होकर इस स्थान को आर-पार करने को मजबूर होना पड़ा था। इस दौरान दो पर्यटक भी पहाड़ी से गिर गए थे। ऐसे में क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की थी कि यहां सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। न तो पहाड़ी से भूस्खलन को रोकने के लिए कोई प्रयास किए गए और न ही लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि लोग जान जोखिम में डालकर आर-पार हो रहे हैं। आलम यह है कि तीन दिन से घाटी के लोग और पर्यटक पहाड़ी से गिर रहे पत्थर और मलबे के बीच आर-पार हो रहे हैं। वीरवार को भी कुछ पर्यटक बाल-बाल बचे। एक पर्यटक काफी देर तक दलदल में फंसा रहा। इस दौरान भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाड़ी पर भी गिर चुका है मलबा
आपदा के दौरान पहाड़ी से एक वाहन पर मलबा भी गिर चुका है। इसे कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया था। लोगों का कहना है कि विभाग सिर्फ जेसीबी लेकर आता है और मलबा हटाकर चला जाता है। कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल रहा है।
घटीगढ़ के पास दरक रही पहाड़ी का समाधान तलाशना जरूरी है। समय रहते विभाग को इसका विकल्प तलाशना चाहिए। घाटी के लोग भी प्रशासन से मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। पहाड़ी से गिर रहा मलबा और पत्थर लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। - लुदर चंद उप प्रधान बरशैणी पंचायत