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Kullu News: कुल्लू में लो-बैक पैन, सर्वाइकल और घुटने के दर्द के मरीज बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 29 Jan 2026 10:41 PM IST
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दो माह में जोड़ों में दर्द के 5,601 मरीजों का हुआ उपचार
ठंड में मांसपेशियों तक रक्त संचार कम होना है समस्या
राजीव नैय्यर
कुल्लू। सर्दी के मौसम में कड़ाके की ठंड के बीच जिले में जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। अस्पतालों में अधिक ठंड के कारण हड्डी रोग ओपीडी में लो-बैक पैन, सर्वाइकल और घुटने में दर्द मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भी हड्डी रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या रोजाना औसतन 110 से 130 के पार जा रही है। पिछले दो माह दिसंबर 2025 और 27 जनवरी 2026 तक कुल्लू अस्पताल में 5,601 मरीजों का उपचार हड्डी रोग ओपीडी में हुआ है। इन मरीजों में 3,174 महिलाएं, 2,426 पुरुष और एक ट्रांसजेंडर मरीज शामिल हैं।
हड्डी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के मौसम में कड़ाके ठंड की वजह से लोगों को कमर, गर्दन और कंधों में तेज दर्द और जकड़न की शिकायत होने लगती है। ज्यादातर बुजुर्ग इस समस्या से जूझते हैं लेकिन वर्तमान समय में युवा और व्यस्क भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तापमान गिरने से शरीर गर्मी बचाने के लिए रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है जिससे मांसपेशियों तक रक्त का संचार कम हो जाता है। इस कारण मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और नसों पर दबाव बढ़ता है। अगर इसका सही समय पर उपचार न किया जाए तो यह क्रोनिक समस्या बन सकता है।
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योग करें और गुनगुना पानी पीएं
हर एक घंटे में उठकर स्ट्रेचिंग करें। गर्दन को क्लॉक वाइज और एंटी-क्लॉकवाइज घुमाएं और कंधों को पीछे की ओर स्ट्रेच करें। योग में भुजंगासन और मर्कटासन रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाते हैं और मांसपेशियों को राहत देते हैं। खाने में हल्दी, अदरक और मेथी जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी खाद्य पदार्थों को शामिल करें। अकसर सर्दियों में हम पानी कम पीते हैं जिससे डिहाइड्रेशन की शिकायत होती है और मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ती है। इसलिए दिनभर गुनगुना पानी पिएं। दर्द अधिक होने पर चिकित्सकीय परामर्श लें। -डॉ. संतुष्ट शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ
-- ठंड में अनावश्यक घूमने से बचें
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। पिछले दो माह में लो-बैक पैन, सर्वाइकल और घुटने में दर्द के मरीज अधिक मिले हैं। अस्पताल की ओपीडी में गत दिसंबर और जनवरी में अब तक 5,601 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। सर्दी के मौसम में जोड़ो के दर्द से बचाव के लिए गर्म कपड़ों को तरजीह दें और ठंड में अनावश्यक घूमने से बचें। -डॉ. ताराचंद, चिकित्सा अधीक्षक
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ठंड में मांसपेशियों तक रक्त संचार कम होना है समस्या
राजीव नैय्यर
कुल्लू। सर्दी के मौसम में कड़ाके की ठंड के बीच जिले में जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। अस्पतालों में अधिक ठंड के कारण हड्डी रोग ओपीडी में लो-बैक पैन, सर्वाइकल और घुटने में दर्द मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भी हड्डी रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या रोजाना औसतन 110 से 130 के पार जा रही है। पिछले दो माह दिसंबर 2025 और 27 जनवरी 2026 तक कुल्लू अस्पताल में 5,601 मरीजों का उपचार हड्डी रोग ओपीडी में हुआ है। इन मरीजों में 3,174 महिलाएं, 2,426 पुरुष और एक ट्रांसजेंडर मरीज शामिल हैं।
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हड्डी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के मौसम में कड़ाके ठंड की वजह से लोगों को कमर, गर्दन और कंधों में तेज दर्द और जकड़न की शिकायत होने लगती है। ज्यादातर बुजुर्ग इस समस्या से जूझते हैं लेकिन वर्तमान समय में युवा और व्यस्क भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तापमान गिरने से शरीर गर्मी बचाने के लिए रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है जिससे मांसपेशियों तक रक्त का संचार कम हो जाता है। इस कारण मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और नसों पर दबाव बढ़ता है। अगर इसका सही समय पर उपचार न किया जाए तो यह क्रोनिक समस्या बन सकता है।
योग करें और गुनगुना पानी पीएं
हर एक घंटे में उठकर स्ट्रेचिंग करें। गर्दन को क्लॉक वाइज और एंटी-क्लॉकवाइज घुमाएं और कंधों को पीछे की ओर स्ट्रेच करें। योग में भुजंगासन और मर्कटासन रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाते हैं और मांसपेशियों को राहत देते हैं। खाने में हल्दी, अदरक और मेथी जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी खाद्य पदार्थों को शामिल करें। अकसर सर्दियों में हम पानी कम पीते हैं जिससे डिहाइड्रेशन की शिकायत होती है और मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ती है। इसलिए दिनभर गुनगुना पानी पिएं। दर्द अधिक होने पर चिकित्सकीय परामर्श लें। -डॉ. संतुष्ट शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। पिछले दो माह में लो-बैक पैन, सर्वाइकल और घुटने में दर्द के मरीज अधिक मिले हैं। अस्पताल की ओपीडी में गत दिसंबर और जनवरी में अब तक 5,601 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। सर्दी के मौसम में जोड़ो के दर्द से बचाव के लिए गर्म कपड़ों को तरजीह दें और ठंड में अनावश्यक घूमने से बचें। -डॉ. ताराचंद, चिकित्सा अधीक्षक