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Mandi News: चेक बाउंस के मामले में आरोपी दोषी करार
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मंडी। करीब 11 वर्ष पुराने 2.80 लाख रुपये के चेक बाउंस के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय संख्या-3 मंडी ने भुंतर के सचाणी निवासी रोशन लाल को परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (एनआई अधिनियम) की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया है। न्यायालय ने माना कि शिकायतकर्ता तुले राम आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध करने में सफल रहे। मामले में सजा के निर्धारण पर आठ जुलाई को सुनवाई होगी।
परिवाद के अनुसार छह अगस्त 2015 को आरोपी रोशन लाल ने व्यवसाय के लिए शिकायतकर्ता तुले राम से 2.80 लाख रुपये उधार लिए थे। भुगतान के लिए जारी चेक शिकायतकर्ता ने बैंक में प्रस्तुत किया लेकिन खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण वह अनादरित हो गया। विधिक नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर परिवाद न्यायालय में दायर किया गया।
सुनवाई के दौरान रोशन लाल ने चेक जारी करने, उस पर हस्ताक्षर होने और विधिक नोटिस मिलने की बात स्वीकार की लेकिन चेक सुरक्षा के तौर पर जारी करने की दलील दी। न्यायालय ने इस दलील को साक्ष्यों के अभाव में खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता तुले राम आरोप सिद्ध करने में सफल रहे। इसके आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया।
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परिवाद के अनुसार छह अगस्त 2015 को आरोपी रोशन लाल ने व्यवसाय के लिए शिकायतकर्ता तुले राम से 2.80 लाख रुपये उधार लिए थे। भुगतान के लिए जारी चेक शिकायतकर्ता ने बैंक में प्रस्तुत किया लेकिन खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण वह अनादरित हो गया। विधिक नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर परिवाद न्यायालय में दायर किया गया।
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सुनवाई के दौरान रोशन लाल ने चेक जारी करने, उस पर हस्ताक्षर होने और विधिक नोटिस मिलने की बात स्वीकार की लेकिन चेक सुरक्षा के तौर पर जारी करने की दलील दी। न्यायालय ने इस दलील को साक्ष्यों के अभाव में खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता तुले राम आरोप सिद्ध करने में सफल रहे। इसके आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया।
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