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Mandi News: माकपा के जन आक्रोश जत्थे ने स्मार्ट मीटर के विरोध में निकाली रैली

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:54 AM IST
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CPI(M)'s Jan Aakrosh Jatha took out a rally against smart meters.
धर्मपुर क्षेत्र के भराड़ी-सजाओपीपलु में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग। स्त्रोत- संगठन
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भराड़ी में मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ दिया संदेश
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24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य स्तरीय जन आक्रोश जत्थे ने धर्मपुर क्षेत्र के भराड़ी-सजाओपीपलू में नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से शनिवार को केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली में भाग लेने का आह्वान किया।
जन आक्रोश जत्थे के भराड़ी पहुंचने से पहले कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सरकार की नीतियों के विरोध में रैली निकाली और स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के खिलाफ नारेबाजी की। रैली की अगुवाई भूपेंद्र सिंह ने की, जबकि जनसभा की अध्यक्षता डॉ. विजय कौशल, सुरेश शर्मा और रणताज राणा ने संयुक्त रूप से की।
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पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं को निजी कंपनियों के हाथों सौंपने का काम कर रही है। आरोप लगाया कि इसी कड़ी में बिजली क्षेत्र के निजीकरण की तैयारी की जा रही है और स्मार्ट बिजली मीटर उसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को भी बंद कर दिया है, जिससे प्रदेश में जनहित की सुविधाओं पर असर पड़ेगा। वहीं, राष्ट्रीय सचिव मंडल सदस्य डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा कानून को कमजोर करने की दिशा में कदम उठा रही है।

राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय चौहान ने किसानों और बागवानों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के प्रवेश का विरोध किया। उन्होंने वन संरक्षण कानून 1980 में किए गए संशोधनों का भी विरोध जताया। मांग की कि हिमाचल में आपदा प्रभावितों तथा भूमिहीनों को बसाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए।
पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने स्याठी और हियूण गांवों के आपदा प्रभावितों को अभी तक घर बनाने के लिए जमीन न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में कथित अनियमितताओं, अवैध डंपिंग, बढ़ती रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों, बसों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई।
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