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Mandi News: आयुर्वेदिक चिकित्सालय में डायरिया और पीलिया मरीजों को निशुल्क मिलेगी दवा
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उपचार के लिए विभाग ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मानसून सीजन में डायरिया और पीलिया से संक्रमित मरीजों को निशुल्क उपचार और दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार के लिए विभाग ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी है। आयुर्वेदिक विभाग ने जोगिंद्रनगर स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. संदीप चौहान की अगुवाई में मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिलाने का आह्वान किया है। वर्तमान में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंच रहे हैं। मानसून में डायरिया से पीड़ित मरीजों को कुटजघन वटी, पंचामृत परपटी, बिल्व चूर्ण और तमलिक चूर्ण जैसी आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वहीं, लीवर से संबंधित बीमारियों के लिए आरोग्यवर्धिनी वटी और कुमार्यासव जैसी औषधियों का उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. संदीप चौहान ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। डायरिया से संक्रमित मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोट्स
उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में डायरिया के संभावित मरीजों के बेहतर उपचार के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। लीवर संबंधी समस्याओं और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों को औषधीय दवाओं और काढ़े के माध्यम से उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। -डॉ. रक्षक पाल, उपमंडलीय आयुष चिकित्साधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मानसून सीजन में डायरिया और पीलिया से संक्रमित मरीजों को निशुल्क उपचार और दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार के लिए विभाग ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी है। आयुर्वेदिक विभाग ने जोगिंद्रनगर स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. संदीप चौहान की अगुवाई में मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिलाने का आह्वान किया है। वर्तमान में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंच रहे हैं। मानसून में डायरिया से पीड़ित मरीजों को कुटजघन वटी, पंचामृत परपटी, बिल्व चूर्ण और तमलिक चूर्ण जैसी आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वहीं, लीवर से संबंधित बीमारियों के लिए आरोग्यवर्धिनी वटी और कुमार्यासव जैसी औषधियों का उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. संदीप चौहान ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। डायरिया से संक्रमित मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोट्स
उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में डायरिया के संभावित मरीजों के बेहतर उपचार के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। लीवर संबंधी समस्याओं और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों को औषधीय दवाओं और काढ़े के माध्यम से उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। -डॉ. रक्षक पाल, उपमंडलीय आयुष चिकित्साधिकारी
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