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Mandi News: सरकाघाट के दो नशामुक्ति केंद्रों का किया निरीक्षण
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सरकाघाट (मंडी)। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सरकाघाट क्षेत्र में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने अपर भांबला स्थित विनर फाउंडेशन और लोअर भांबला स्थित रिकवरी विलेज नशा मुक्ति केंद्र का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण टीम में एसडीएम सरकाघाट राजेंद्र कुमार गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा, डीएसपी संजीव सूद, डॉ. नीरज कंवर, डॉ. वीएस सिंधु और डॉ. कैलाश शर्मा शामिल रहे। टीम ने केंद्रों के लाइसेंस, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता, आवासीय सुविधाएं, भोजन, चिकित्सा सेवाएं और अन्य मूलभूत प्रबंधों की बारीकी से जांच की। दोनों केंद्रों में कुल 34 मरीज उपचाराधीन पाए गए।
संयुक्त टीम ने मरीजों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति, उपचार की गुणवत्ता और केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी भी हासिल की। एडीसी गुरसिमर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नशा मुक्ति केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित मानकों का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें और मरीजों को सुरक्षित, सम्मानजनक तथा प्रभावी उपचार उपलब्ध कराएं।
एडीसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे लोगों को बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
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निरीक्षण टीम में एसडीएम सरकाघाट राजेंद्र कुमार गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा, डीएसपी संजीव सूद, डॉ. नीरज कंवर, डॉ. वीएस सिंधु और डॉ. कैलाश शर्मा शामिल रहे। टीम ने केंद्रों के लाइसेंस, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता, आवासीय सुविधाएं, भोजन, चिकित्सा सेवाएं और अन्य मूलभूत प्रबंधों की बारीकी से जांच की। दोनों केंद्रों में कुल 34 मरीज उपचाराधीन पाए गए।
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संयुक्त टीम ने मरीजों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति, उपचार की गुणवत्ता और केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी भी हासिल की। एडीसी गुरसिमर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नशा मुक्ति केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित मानकों का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें और मरीजों को सुरक्षित, सम्मानजनक तथा प्रभावी उपचार उपलब्ध कराएं।
एडीसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे लोगों को बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
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