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Mandi News: हाथों में पर्ची लेकर दोपहर तक अस्पताल में भटकते रहे बीमार
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तीन दिन के अवकाश के बाद ओपीडी में उमड़ी भीड़, मरीजों को करना पड़ रहा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडलीय अस्पताल में मंगलवार को तीन दिन के अवकाश के बाद ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अव्यवस्था के कारण कुछ मरीजों को बिना उपचार के ही निराश होकर लौटना पड़ा। यह स्थिति दोपहर तीन बजे तक बनी रही। लडभड़ोल, चौंतड़ा, हराबाग सहित ग्रामीण क्षेत्रों द्रुब्बल और भराड़ू से आए मरीज सुबह साढ़े नौ बजे से हाथों में पर्चियां लेकर उपचार के लिए भटकते रहे। स्थानीय अस्पताल में सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों के तीमारदार कमलदीप, मनीषा, पूजा और सुमना ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे पंजीकरण करवाने के बाद वे मुख्य ओपीडी में उपचार के लिए दोपहर दो बजे तक इंतजार करते रहे। सामान्य ओपीडी नंबर 106 में मरीजों की लंबी कतार और चिकित्सकों की कमी के कारण उपचार करवाना मुश्किल हो गया। मेडिसिन ओपीडी में बुजुर्ग मरीजों को भी घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं, लडभड़ोल और चौंतड़ा अस्पताल में भी तीन दिन के अवकाश के बाद मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सुविधाएं अपर्याप्त साबित हुईं। उधर, एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने बताया कि तीन दिन के अवकाश के बाद अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या के कारण व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद अस्पताल पहुंचे सभी मरीजों को उपचार उपलब्ध करवाया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडलीय अस्पताल में मंगलवार को तीन दिन के अवकाश के बाद ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अव्यवस्था के कारण कुछ मरीजों को बिना उपचार के ही निराश होकर लौटना पड़ा। यह स्थिति दोपहर तीन बजे तक बनी रही। लडभड़ोल, चौंतड़ा, हराबाग सहित ग्रामीण क्षेत्रों द्रुब्बल और भराड़ू से आए मरीज सुबह साढ़े नौ बजे से हाथों में पर्चियां लेकर उपचार के लिए भटकते रहे। स्थानीय अस्पताल में सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों के तीमारदार कमलदीप, मनीषा, पूजा और सुमना ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे पंजीकरण करवाने के बाद वे मुख्य ओपीडी में उपचार के लिए दोपहर दो बजे तक इंतजार करते रहे। सामान्य ओपीडी नंबर 106 में मरीजों की लंबी कतार और चिकित्सकों की कमी के कारण उपचार करवाना मुश्किल हो गया। मेडिसिन ओपीडी में बुजुर्ग मरीजों को भी घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं, लडभड़ोल और चौंतड़ा अस्पताल में भी तीन दिन के अवकाश के बाद मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सुविधाएं अपर्याप्त साबित हुईं। उधर, एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने बताया कि तीन दिन के अवकाश के बाद अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या के कारण व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद अस्पताल पहुंचे सभी मरीजों को उपचार उपलब्ध करवाया गया।