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Mandi News: अमेरिका-इजरायल और इरान युद्ध ने बढ़ाई चिंता
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खाड़ी देशों में कार्यरत अपने बच्चों की अभिभावकों को सता रही चिंता
दुगराईं और आसपास के क्षेत्र के अरब देशों में है करीब 250 युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सुंदरनगर की मुस्लिम बहुल पंचायत दुगराई में चिंता का माहौल बना हुआ है। पंचायत और आसपास के क्षेत्रों के करीब 250 युवा ईरान सहित अन्य खाड़ी देशों में रोजगार के लिए कार्यरत हैं। ऐसे में अभिभावक और रिश्तेदार अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर भीतर ही भीतर चिंतित हैं।
हालांकि अधिकांश लोग उन देशों में रह रहे हैं जहां इस संघर्ष का सीधा असर नहीं पड़ा है, फिर भी सैन्य ठिकानों और एयरपोर्ट के आसपास हो रही बमबारी की खबरों से परिजन सहमे हुए हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से सभी परिवार अपने बच्चों के लगातार संपर्क में हैं। वहीं विदेश में रह रहे युवाओं का कहना है कि वे फिलहाल सुरक्षित हैं और स्थिति सामान्य है।
इस पंचायत से लंबे समय से लोग अरब देशों में मेहनत-मजदूरी और अन्य कार्यों के लिए जाते रहे हैं। कई परिवारों की दो से तीन पीढ़ियां वर्षों से खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। हालिया हालात के चलते कुछ स्थानों पर एयरपोर्ट बंद होने से कई लोग छुट्टी पर अपने गांव नहीं आ पा रहे हैं। परिजन चिंता न करें, इसके लिए वे अपनी मौजूदगी और सुरक्षा दर्शाने वाली वीडियो और तस्वीरें परिवारों को भेज रहे हैं।
प्रदेश सचिव, हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर कमेटी माजिद अली का कहना है कि खाड़ी देशों में काम कर रहे बच्चों की सलामती की खबरें मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि रिहायशी इलाकों में स्थिति सामान्य है और इस संघर्ष का व्यापक असर आम नागरिकों पर नहीं पड़ा है।
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दुगराईं और आसपास के क्षेत्र के अरब देशों में है करीब 250 युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सुंदरनगर की मुस्लिम बहुल पंचायत दुगराई में चिंता का माहौल बना हुआ है। पंचायत और आसपास के क्षेत्रों के करीब 250 युवा ईरान सहित अन्य खाड़ी देशों में रोजगार के लिए कार्यरत हैं। ऐसे में अभिभावक और रिश्तेदार अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर भीतर ही भीतर चिंतित हैं।
हालांकि अधिकांश लोग उन देशों में रह रहे हैं जहां इस संघर्ष का सीधा असर नहीं पड़ा है, फिर भी सैन्य ठिकानों और एयरपोर्ट के आसपास हो रही बमबारी की खबरों से परिजन सहमे हुए हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से सभी परिवार अपने बच्चों के लगातार संपर्क में हैं। वहीं विदेश में रह रहे युवाओं का कहना है कि वे फिलहाल सुरक्षित हैं और स्थिति सामान्य है।
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इस पंचायत से लंबे समय से लोग अरब देशों में मेहनत-मजदूरी और अन्य कार्यों के लिए जाते रहे हैं। कई परिवारों की दो से तीन पीढ़ियां वर्षों से खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। हालिया हालात के चलते कुछ स्थानों पर एयरपोर्ट बंद होने से कई लोग छुट्टी पर अपने गांव नहीं आ पा रहे हैं। परिजन चिंता न करें, इसके लिए वे अपनी मौजूदगी और सुरक्षा दर्शाने वाली वीडियो और तस्वीरें परिवारों को भेज रहे हैं।
प्रदेश सचिव, हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर कमेटी माजिद अली का कहना है कि खाड़ी देशों में काम कर रहे बच्चों की सलामती की खबरें मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि रिहायशी इलाकों में स्थिति सामान्य है और इस संघर्ष का व्यापक असर आम नागरिकों पर नहीं पड़ा है।