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Rampur Bushahar News: जनगणना के पहले चरण में 88.75 फीसदी काम पूरा
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जिले मूसलाधार वर्षा में परगणक जान जोखिम में डालकर घर-घर आंकड़े कर रहे एकत्रित
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिले में जनगणना के पहले चरण का काम 15 जुलाई तक किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 88.75 फीसदी गणना का कार्य पूरा हो चुका है। यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप से की जा रही है।
पहले चरण में मकान सूचीकरण और स्व-गणना का कार्य 185 परगणकों और 31 पर्यवेक्षकों की ओर से किया जा रहा है। किन्नौर में 738 मकान सूचीकरण ब्लॉक हैं, जिनमें से 655 ब्लॉक का कार्य पूरा हो चुका है। 82 ब्लॉकों में कार्य प्रगति पर है, जबकि एक ब्लॉक में काम अभी शुरू नहीं हुआ है।
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि मूसलाधार बारिश के बावजूद परगणक जान जोखिम में डालकर घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र कर रहे हैं। गांव कोठी, दुनी के गोली कांडा की परगणक प्रेरणा मेहता ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कार्य किया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि कोई भी किरायेदार जनगणना से वंचित न रहे। कई बार किरायेदार के न मिलने पर तीन से चार बार जाना पड़ता है।
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जनगणना का दूसरा चरण किन्नौर में सितंबर से शुरू होगा। आजादी के बाद पहली बार जाति आधारित गणना के साथ सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक आंकड़े भी एकत्रित किए जाएंगे। जनगणना में मकान सूचीकरण और स्व-गणना के लिए 33 प्रकार के प्रश्नों के उत्तर दर्ज किए जा रहे हैं। इनमें मकान की बनावट, किरायेदारों की संख्या, कमरों की संख्या, रसोई, बाथरूम, गैस कनेक्शन, सीवरेज से जुड़ाव, परिवार के सदस्यों की संख्या और उनके पास उपलब्ध उपकरणों जैसी जानकारी शामिल है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिले में जनगणना के पहले चरण का काम 15 जुलाई तक किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 88.75 फीसदी गणना का कार्य पूरा हो चुका है। यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप से की जा रही है।
पहले चरण में मकान सूचीकरण और स्व-गणना का कार्य 185 परगणकों और 31 पर्यवेक्षकों की ओर से किया जा रहा है। किन्नौर में 738 मकान सूचीकरण ब्लॉक हैं, जिनमें से 655 ब्लॉक का कार्य पूरा हो चुका है। 82 ब्लॉकों में कार्य प्रगति पर है, जबकि एक ब्लॉक में काम अभी शुरू नहीं हुआ है।
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उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि मूसलाधार बारिश के बावजूद परगणक जान जोखिम में डालकर घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र कर रहे हैं। गांव कोठी, दुनी के गोली कांडा की परगणक प्रेरणा मेहता ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कार्य किया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि कोई भी किरायेदार जनगणना से वंचित न रहे। कई बार किरायेदार के न मिलने पर तीन से चार बार जाना पड़ता है।
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जनगणना का दूसरा चरण किन्नौर में सितंबर से शुरू होगा। आजादी के बाद पहली बार जाति आधारित गणना के साथ सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक आंकड़े भी एकत्रित किए जाएंगे। जनगणना में मकान सूचीकरण और स्व-गणना के लिए 33 प्रकार के प्रश्नों के उत्तर दर्ज किए जा रहे हैं। इनमें मकान की बनावट, किरायेदारों की संख्या, कमरों की संख्या, रसोई, बाथरूम, गैस कनेक्शन, सीवरेज से जुड़ाव, परिवार के सदस्यों की संख्या और उनके पास उपलब्ध उपकरणों जैसी जानकारी शामिल है।