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Rampur Bushahar News: रोहड़ू में जल्द शुरू होगा क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण का काम, पुराने भवन को गिराने की अनुमति
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सिविल अस्पताल रोहडू फाईल फोटो
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अप्रैल 2025 में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण को दी थी स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
रोहड़ू के सिविल अस्पताल में लोगों को जल्द क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) की सुविधा मिलेगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अस्पताल के पुराने भवन को गिराने की अनुमति मिल गई है। इसके बाद ब्लॉक के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लंबे समय से यह परियोजना प्रशासनिक, तकनीकी और विभागीय औपचारिकताओं में उलझी हुई थी, जिसके चलते काम शुरू होने में देरी हुई। अब स्वास्थ्य विभाग और निर्माण कंपनी ने तय समय में भवन निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है ताकि क्षेत्र की जनता को जल्द बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। क्रिटिकल केयर ब्लॉक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैयार किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में रोहड़ू के सिविल अस्पताल में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण को स्वीकृति दी थी। इस परियोजना के माध्यम से अस्पताल की आपातकालीन और गहन चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। इसका उद्देश्य पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध करवाना है ताकि बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम हो। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 25 करोड़ रुपये है। इसमें भवन निर्माण पर करीब 19.59 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि लगभग 5.41 करोड़ रुपये आधुनिक मशीनरी और उपकरणों पर लगाए जाएंगे। इससे स्पष्ट है कि यह केवल भवन निर्माण तक सीमित परियोजना नहीं, बल्कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी संसाधनों से लैस एक समग्र चिकित्सा ढांचा होगा।
एक ही परिसर में कई सुविधाएं
क्रिटिकल केयर ब्लॉक में मरीजों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। पहली मंजिल पर अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएगी, जबकि अन्य मंजिलों में आईसीयू वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, दो लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी सेवाओं को भी इसी भवन में व्यवस्थित किया जाएगा। इससे गंभीर मरीजों के उपचार, निगरानी और जांच की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगी। इसी परिसर में पहले से सिविल अस्पताल रोहडू के अंदर दो सौ मरीजों के इंडोर की व्यवस्था है।
पुराने भवन को हटाने और निर्माण स्थल खाली कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ सका। औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगने से परियोजना में देरी जरूर हुई, लेकिन अब निर्माण को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर यह ब्लॉक तैयार हो जाए।-- डाॅ रविंद्र शर्मा, अधीक्षक, रोहड़ू अस्पताल
दुर्गम क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत
इस परियोजना के पूरा होने के बाद रोहड़ू, जुब्बल, चिड़गांव, टिक्कर और आसपास के दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारियों और आपात स्थिति में बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी। दुर्गम क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला और अन्य बड़े अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
रोहड़ू के सिविल अस्पताल में लोगों को जल्द क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) की सुविधा मिलेगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अस्पताल के पुराने भवन को गिराने की अनुमति मिल गई है। इसके बाद ब्लॉक के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लंबे समय से यह परियोजना प्रशासनिक, तकनीकी और विभागीय औपचारिकताओं में उलझी हुई थी, जिसके चलते काम शुरू होने में देरी हुई। अब स्वास्थ्य विभाग और निर्माण कंपनी ने तय समय में भवन निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है ताकि क्षेत्र की जनता को जल्द बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। क्रिटिकल केयर ब्लॉक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैयार किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में रोहड़ू के सिविल अस्पताल में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण को स्वीकृति दी थी। इस परियोजना के माध्यम से अस्पताल की आपातकालीन और गहन चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। इसका उद्देश्य पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध करवाना है ताकि बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम हो। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 25 करोड़ रुपये है। इसमें भवन निर्माण पर करीब 19.59 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि लगभग 5.41 करोड़ रुपये आधुनिक मशीनरी और उपकरणों पर लगाए जाएंगे। इससे स्पष्ट है कि यह केवल भवन निर्माण तक सीमित परियोजना नहीं, बल्कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी संसाधनों से लैस एक समग्र चिकित्सा ढांचा होगा।
एक ही परिसर में कई सुविधाएं
क्रिटिकल केयर ब्लॉक में मरीजों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। पहली मंजिल पर अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएगी, जबकि अन्य मंजिलों में आईसीयू वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, दो लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी सेवाओं को भी इसी भवन में व्यवस्थित किया जाएगा। इससे गंभीर मरीजों के उपचार, निगरानी और जांच की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगी। इसी परिसर में पहले से सिविल अस्पताल रोहडू के अंदर दो सौ मरीजों के इंडोर की व्यवस्था है।
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पुराने भवन को हटाने और निर्माण स्थल खाली कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ सका। औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगने से परियोजना में देरी जरूर हुई, लेकिन अब निर्माण को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर यह ब्लॉक तैयार हो जाए।
दुर्गम क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत
इस परियोजना के पूरा होने के बाद रोहड़ू, जुब्बल, चिड़गांव, टिक्कर और आसपास के दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारियों और आपात स्थिति में बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी। दुर्गम क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला और अन्य बड़े अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।