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Rampur Bushahar News: शंन्चा मेले में पहाड़ी और पारंपरिक गीतों से कलाकारों नेे बांधा समा
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बड़ागांव में आयोजित शंन्चा मेले में देवता साहिब से आशीर्वाद लेते लोग। संवाद
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बड़ागांव में मेले का समापन, मेले में स्थानीय आराध्य देव ब्रह्मेश्वर महादेव और बाणेश्वर महादेव पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कुमारसैन उपमंडल की बड़ागांव पंचायत में दो दिवसीय ऐतिहासिक शंन्चा मेले का शुक्रवार को समापन हो गया। मेले में मुख्य आकर्षण स्थानीय आराध्य देव ब्रह्मेश्वर महादेव और बाणेश्वर महादेव रहे। मेले में बड़ागांव पंचायत सहित आसपास की 15 पंचायतों के लोगों ने स्थानीय देवताओं के दर्शन कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय और आमंत्रित कलाकारों ने पहाड़ी गीतों और पारंपरिक गीतों से समां बांधा। सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने सभी को मेले की शुभकामनाएं दीं। मेले के दौरान दीपक राठौर ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं। बड़ागांव में उपतहसील की स्थापना, पंचायत की विभिन्न सड़कों की दयनीय स्थिति, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की कमी को दूर करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि ने समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से मामला उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए मेला समिति को सहयोग स्वरूप एक लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की। मेले के सफल आयोजन में स्थानीय युवक मंडल, महिला मंडलों, पंचायत प्रतिनिधियों, देवता कमेटी, क्षेत्र के अनेक समाजसेवियों, युवक मंडल के प्रधान अंकित वर्मा और उनकी टीम ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में योगदान दिया। बड़ागांव पंचायत प्रधान अनीता वर्मा ने विभिन्न पंचायतों से पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, देवता कमेटी, देवलुओं और अन्य का मेले में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से आने वाले वर्षों में मेले को अधिक भव्य और आकर्षक बनाया जाएगा। जिससे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कुमारसैन उपमंडल की बड़ागांव पंचायत में दो दिवसीय ऐतिहासिक शंन्चा मेले का शुक्रवार को समापन हो गया। मेले में मुख्य आकर्षण स्थानीय आराध्य देव ब्रह्मेश्वर महादेव और बाणेश्वर महादेव रहे। मेले में बड़ागांव पंचायत सहित आसपास की 15 पंचायतों के लोगों ने स्थानीय देवताओं के दर्शन कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय और आमंत्रित कलाकारों ने पहाड़ी गीतों और पारंपरिक गीतों से समां बांधा। सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने सभी को मेले की शुभकामनाएं दीं। मेले के दौरान दीपक राठौर ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं। बड़ागांव में उपतहसील की स्थापना, पंचायत की विभिन्न सड़कों की दयनीय स्थिति, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की कमी को दूर करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि ने समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से मामला उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए मेला समिति को सहयोग स्वरूप एक लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की। मेले के सफल आयोजन में स्थानीय युवक मंडल, महिला मंडलों, पंचायत प्रतिनिधियों, देवता कमेटी, क्षेत्र के अनेक समाजसेवियों, युवक मंडल के प्रधान अंकित वर्मा और उनकी टीम ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में योगदान दिया। बड़ागांव पंचायत प्रधान अनीता वर्मा ने विभिन्न पंचायतों से पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, देवता कमेटी, देवलुओं और अन्य का मेले में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से आने वाले वर्षों में मेले को अधिक भव्य और आकर्षक बनाया जाएगा। जिससे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

बड़ागांव में आयोजित शंन्चा मेले में देवता साहिब से आशीर्वाद लेते लोग। संवाद