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Rampur Bushahar News: सांगला में रसोई घर से दो विषैले पिट वाइपर सांपों का सफल रेस्क्यू
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सांगला में सांप को रेस्क्यू कर ले जाती वन परिक्षेत्र की टीम। स्रोत: वन विभाग
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वन्यप्राणी परिक्षेत्र सांगला की टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। वन्यप्राणी परिक्षेत्र सांगला ने दो विषैले पिट वाइपर सांपों को सफलतापूर्वक बचाया है। यह रेस्क्यू अभियान एक घर के रसोईघर में सांपों के छिपे होने की शिकायत के बाद चलाया गया। वन्यप्राणी ब्लॉक अधिकारी गोपाल नेगी और ब्लॉक वन अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर के नेतृत्व में टीम ने यह कार्य किया। टीम में अल्पना और वीरेंद्र ठाकुर शामिल रहे। टीम ने लगभग दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सांपों को पकड़ा। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया। वन्यप्राणी ब्लॉक अधिकारी गोपाल नेगी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि सांप दिखने पर उन्हें मारें नहीं, बल्कि बचाव के लिए वन विभाग को सूचित करें। उन्होंने कहा कि वह उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ सकें, इसके लिए उन्हें सूचित करना महत्वपूर्ण है। ब्लॉक वन अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने पिट वाइपर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एक अत्यधिक विषैला और निशाचर सांप है, जिसकी पहचान आंखों और नाक के बीच स्थित गर्मी महसूस करने वाले अंग से होती है। इसका जहर मुख्य रूप से हीमोटोक्सिक होता है, जो खून को जमाता और ऊतकों को नष्ट करता है। यह किन्नौर जिले और हिमाचल प्रदेश में पाया जाता है। उन्होंने सांपों के संरक्षण पर जोर दिया और कहा कि लोगों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। हिमाचल प्रदेश में केवल पांच से छह प्रजातियां ही विषैली पाई जाती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। वन्यप्राणी परिक्षेत्र सांगला ने दो विषैले पिट वाइपर सांपों को सफलतापूर्वक बचाया है। यह रेस्क्यू अभियान एक घर के रसोईघर में सांपों के छिपे होने की शिकायत के बाद चलाया गया। वन्यप्राणी ब्लॉक अधिकारी गोपाल नेगी और ब्लॉक वन अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर के नेतृत्व में टीम ने यह कार्य किया। टीम में अल्पना और वीरेंद्र ठाकुर शामिल रहे। टीम ने लगभग दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सांपों को पकड़ा। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया। वन्यप्राणी ब्लॉक अधिकारी गोपाल नेगी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि सांप दिखने पर उन्हें मारें नहीं, बल्कि बचाव के लिए वन विभाग को सूचित करें। उन्होंने कहा कि वह उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ सकें, इसके लिए उन्हें सूचित करना महत्वपूर्ण है। ब्लॉक वन अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने पिट वाइपर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एक अत्यधिक विषैला और निशाचर सांप है, जिसकी पहचान आंखों और नाक के बीच स्थित गर्मी महसूस करने वाले अंग से होती है। इसका जहर मुख्य रूप से हीमोटोक्सिक होता है, जो खून को जमाता और ऊतकों को नष्ट करता है। यह किन्नौर जिले और हिमाचल प्रदेश में पाया जाता है। उन्होंने सांपों के संरक्षण पर जोर दिया और कहा कि लोगों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। हिमाचल प्रदेश में केवल पांच से छह प्रजातियां ही विषैली पाई जाती हैं।