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Rampur Bushahar News: बस के दरवाजे की टक्कर से हुई थी मौत परिवार को मिलेंगे 12.40 लाख रुपये
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बस के मालिक और चालक को ब्याज के साथ मुआवजा देने का आदेश
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बस के स्पेयर टायर बॉक्स के दरवाजे की टक्कर से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 12.40 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह मुआवजा बस के मालिक और चालक को संयुक्त रूप से 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ देना होगा। मृतक की पत्नी, बेटे, बेटियों और मां सहित आठ आश्रितों को यह राशि मिलेगी। यह आदेश रामपुर स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण-II किन्नौर ने दिया है। 21 अगस्त 2019 को घनश्याम रामपुर से चुहाबाग पैदल जा रहे थे। शाम करीब 6:00 बजे एक बस ने उन्हें टक्कर मार दी। बस चालक लापरवाही से बस चला रहा था और गलत दिशा से आया। बस के कंडक्टर साइड का स्पेयर टायर बॉक्स का दरवाजा अचानक खुल गया और घनश्याम को जा लगा। गंभीर चोटों के कारण 24 अगस्त 2019 को उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में शुरू में चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 337 के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायाधिकरण ने चालक और मालिक को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि चालक और कंडक्टर का यह कर्तव्य था कि वे स्पेयर टायर बॉक्स के दरवाजे को बंद रखें। बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को मुआवजे के लिए उत्तरदायी नहीं माना गया, क्योंकि वाहन दुर्घटना के समय बीमित नहीं था। मृतक घनश्याम की आयु 48 वर्ष थी। न्यायाधिकरण ने आदेश दिया कि कुल 12.40 लाख रुपये के मुआवजे को परिवार के सदस्यों में बांटा जाएगा।
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मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बस के स्पेयर टायर बॉक्स के दरवाजे की टक्कर से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 12.40 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह मुआवजा बस के मालिक और चालक को संयुक्त रूप से 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ देना होगा। मृतक की पत्नी, बेटे, बेटियों और मां सहित आठ आश्रितों को यह राशि मिलेगी। यह आदेश रामपुर स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण-II किन्नौर ने दिया है। 21 अगस्त 2019 को घनश्याम रामपुर से चुहाबाग पैदल जा रहे थे। शाम करीब 6:00 बजे एक बस ने उन्हें टक्कर मार दी। बस चालक लापरवाही से बस चला रहा था और गलत दिशा से आया। बस के कंडक्टर साइड का स्पेयर टायर बॉक्स का दरवाजा अचानक खुल गया और घनश्याम को जा लगा। गंभीर चोटों के कारण 24 अगस्त 2019 को उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में शुरू में चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 337 के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायाधिकरण ने चालक और मालिक को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि चालक और कंडक्टर का यह कर्तव्य था कि वे स्पेयर टायर बॉक्स के दरवाजे को बंद रखें। बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को मुआवजे के लिए उत्तरदायी नहीं माना गया, क्योंकि वाहन दुर्घटना के समय बीमित नहीं था। मृतक घनश्याम की आयु 48 वर्ष थी। न्यायाधिकरण ने आदेश दिया कि कुल 12.40 लाख रुपये के मुआवजे को परिवार के सदस्यों में बांटा जाएगा।