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Rampur Bushahar News: शामठा स्कूल में शिक्षकों-कर्मचारियों के पद रिक्त, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
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शामठा स्कूल में शिक्षकों-कर्मचारियों के पद रिक्त, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
. स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग से इन पदों को शीघ्र भरने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शामठा में प्रधानाचार्य समेत कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन रिक्तियों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग से इन पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। एसएमसी अध्यक्ष नरेश कुमार ननटा ने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल रही है। विज्ञान संकाय के छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ रहा है। निकटतम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेरवा लगभग 11 किलोमीटर दूर है। नेरवा जाने वाली बसों में अत्यधिक भीड़ रहती है। इससे छात्रों को अक्सर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है। खासकर, छात्राओं को काफी असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग को कई बार प्रस्ताव भेजे हैं। हालांकि, अभी तक रिक्त पदों को भरने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। समिति ने चेतावनी दी है कि नियुक्तियां जल्द न होने पर विद्यार्थियों का भविष्य और अधिक प्रभावित होगा। एसएमसी अध्यक्ष नरेश कुमार ननटा, उपाध्यक्ष रमा देवी और अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपील की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। समिति ने छात्रों के हितों को देखते हुए सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की है। सदस्यों में बशीर, संगीता, कौशल्या, लक्ष्मी सिंह, दुर्गा सिंह, गुलाम रसूल, चेत राम, रजीना, लोकेंद्र, सुमित्रा, भगत राम, सुषमा और नारायण सिंह हैं। पाठशाला में प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से खाली है। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (विज्ञान) का पद भी रिक्त है। शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता, वरिष्ठ सहायक और लिपिक के पद भी भरे नहीं गए हैं। इन महत्वपूर्ण पदों के खाली होने से स्कूल का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहा है।
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. स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग से इन पदों को शीघ्र भरने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शामठा में प्रधानाचार्य समेत कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन रिक्तियों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग से इन पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। एसएमसी अध्यक्ष नरेश कुमार ननटा ने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल रही है। विज्ञान संकाय के छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ रहा है। निकटतम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेरवा लगभग 11 किलोमीटर दूर है। नेरवा जाने वाली बसों में अत्यधिक भीड़ रहती है। इससे छात्रों को अक्सर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है। खासकर, छात्राओं को काफी असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग को कई बार प्रस्ताव भेजे हैं। हालांकि, अभी तक रिक्त पदों को भरने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। समिति ने चेतावनी दी है कि नियुक्तियां जल्द न होने पर विद्यार्थियों का भविष्य और अधिक प्रभावित होगा। एसएमसी अध्यक्ष नरेश कुमार ननटा, उपाध्यक्ष रमा देवी और अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपील की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। समिति ने छात्रों के हितों को देखते हुए सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की है। सदस्यों में बशीर, संगीता, कौशल्या, लक्ष्मी सिंह, दुर्गा सिंह, गुलाम रसूल, चेत राम, रजीना, लोकेंद्र, सुमित्रा, भगत राम, सुषमा और नारायण सिंह हैं। पाठशाला में प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से खाली है। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (विज्ञान) का पद भी रिक्त है। शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता, वरिष्ठ सहायक और लिपिक के पद भी भरे नहीं गए हैं। इन महत्वपूर्ण पदों के खाली होने से स्कूल का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहा है।