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Rampur Bushahar News: लोक कलाकारों ने पारंपरिक गीतों, नृत्य से मोहा मन
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जुब्बल में तीन दिवसीय रामपुरी मेले का समापन
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी रहे मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। जुब्बल का ऐतिहासिक जिला स्तरीय रामपुरी मेला शनिवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हो गया। तीन दिवसीय मेले में देवता शाड़ी बनाड़ की विशेष रूप से मौजूद रहे। समापन अवसर पर लोक संस्कृति और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नकटाड़ा गांव के लोग सुबह देवता शाड़ी बनाड़ का रथ डकैड गांव से रामपुरी मैदान लाया गया। मेला कमेटी ने देवता का स्वागत किया। इसके बाद नकटाड़ा के ग्रामीणों ने पारंपरिक देव गीत बिरसु गाया और वाद्ययंत्रों की धुन पर पारंपरिक नृत्य किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक हाइशा फेर भी लगाया।
समापन समारोह में लोकगायक काकू चौहान, अजय चौहान, दीपक चौहान और वर्षा ठाकुर ने प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी खूब सराहा गया। धरोहर डांस ग्रुप ने विशेष प्रस्तुति से कार्यक्रम में रंग जमाया। देवता के साथ आए देवलुओं ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य किया। दिनभर पहाड़ी लोकनृत्य का दौर चला।
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देवता शाड़ी बनाड़ मेला कमेटी रामपुरी के अध्यक्ष चंदर चौहान ने बताया कि मेले का आयोजन हर वर्ष पारंपरिक रूप से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए किया जाता है। सचिव हिमांशु पिरटा, कोषाध्यक्ष तपिंद्र मोक्टा और प्रेस सचिव हेमराज घेजटा ने भी मेले के सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की।
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी रहे मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। जुब्बल का ऐतिहासिक जिला स्तरीय रामपुरी मेला शनिवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हो गया। तीन दिवसीय मेले में देवता शाड़ी बनाड़ की विशेष रूप से मौजूद रहे। समापन अवसर पर लोक संस्कृति और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नकटाड़ा गांव के लोग सुबह देवता शाड़ी बनाड़ का रथ डकैड गांव से रामपुरी मैदान लाया गया। मेला कमेटी ने देवता का स्वागत किया। इसके बाद नकटाड़ा के ग्रामीणों ने पारंपरिक देव गीत बिरसु गाया और वाद्ययंत्रों की धुन पर पारंपरिक नृत्य किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक हाइशा फेर भी लगाया।
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समापन समारोह में लोकगायक काकू चौहान, अजय चौहान, दीपक चौहान और वर्षा ठाकुर ने प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी खूब सराहा गया। धरोहर डांस ग्रुप ने विशेष प्रस्तुति से कार्यक्रम में रंग जमाया। देवता के साथ आए देवलुओं ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य किया। दिनभर पहाड़ी लोकनृत्य का दौर चला।
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देवता शाड़ी बनाड़ मेला कमेटी रामपुरी के अध्यक्ष चंदर चौहान ने बताया कि मेले का आयोजन हर वर्ष पारंपरिक रूप से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए किया जाता है। सचिव हिमांशु पिरटा, कोषाध्यक्ष तपिंद्र मोक्टा और प्रेस सचिव हेमराज घेजटा ने भी मेले के सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की।